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गायब रही पुलिस, थाने का गेट बंद
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
Updated Thu, 12 Mar 2015 12:11 AM IST
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हाईकोर्ट के आसपास दोपहर दो से पांच बजे तक भारी बवाल के दौरान पुलिस फोर्स नदारद रही। जिला अदालत में पुलिस अफसर मोर्चा संभाले रहे लेकिन हाईकोर्ट के इर्द-गिर्द चल रहे विरोध प्रदर्शन और आगजनी पर काबू पाने के लिए कोई अधिकारी नहीं फटका। वकीलों के गुस्से से पुलिस में यूं खौफ रहा कि सिविल लाइंस थाने का गेट ही बंद कर दिया गया था। पुलिसवाले वहां से भागे रहे। इस दौरान कैंट और कर्नलगंज थाने पर भी यही हाल रहा। नाराज वकील कहीं थाने पर न आए जाएं इसलिए गेट पर पहरा बैठा दिया गया था। वैसे भी इन थानों की पुलिस आला अफसरों के साथ कचहरी में डटी थी इसलिए थानों में पुलिस फोर्स का अभाव था। यह हाईकोर्ट के पास बेरोकटोक बवाल का एक बड़ा कारण रहा।
कचहरी में वकील नबी अहमद की हत्या की खबर मिलने के बाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता सड़क पर आए थे। फिर वकीलों की नाराज भीड़ ने आगजनी शुरू कर दी। एक के बाद एक तीन गाड़ियां जला दीं। मगर वकीलों को मनाने और काबू में करने के लिए पुलिस फोर्स दूर-दर तक नहीं दिखी। यहां तक तो गनीमत रही। यह तर्क दिया जा रहा है कि सभी पुलिस अफसर मौजूद फोर्स के साथ कचहरी में जुटे थे। मगर हाईकोर्ट के पास आगजनी के दौरान पुलिस फोर्स की गैरमौजूदगी में दमकल की गाड़ी आग बुझाने के लिए भेजकर एक और बेहद गंभीर लापरवाही कर दी गई। अफसरों की इस लापरवाही का नतीजा रहा कि दमकल विभाग की महंगी गाड़ी जला दी गई। तीन दमकल कर्मियों की जान भी खतरे में पड़ गई थी। तीनों को पीटा गया और भागते वक्त पत्थर फेंके गए। दमकल समेत चार गाड़ियां जला दी गईं मगर पुलिस शाम छह बजे तक नहीं नजर आई।
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कचहरी में वकील नबी अहमद की हत्या की खबर मिलने के बाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता सड़क पर आए थे। फिर वकीलों की नाराज भीड़ ने आगजनी शुरू कर दी। एक के बाद एक तीन गाड़ियां जला दीं। मगर वकीलों को मनाने और काबू में करने के लिए पुलिस फोर्स दूर-दर तक नहीं दिखी। यहां तक तो गनीमत रही। यह तर्क दिया जा रहा है कि सभी पुलिस अफसर मौजूद फोर्स के साथ कचहरी में जुटे थे। मगर हाईकोर्ट के पास आगजनी के दौरान पुलिस फोर्स की गैरमौजूदगी में दमकल की गाड़ी आग बुझाने के लिए भेजकर एक और बेहद गंभीर लापरवाही कर दी गई। अफसरों की इस लापरवाही का नतीजा रहा कि दमकल विभाग की महंगी गाड़ी जला दी गई। तीन दमकल कर्मियों की जान भी खतरे में पड़ गई थी। तीनों को पीटा गया और भागते वक्त पत्थर फेंके गए। दमकल समेत चार गाड़ियां जला दी गईं मगर पुलिस शाम छह बजे तक नहीं नजर आई।
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