फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Millions of the population at risk of desolating

लाखों की आबादी पर उजड़ने का खतरा

Sun, 28 Feb 2016 01:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो/इलाहाबाद Updated Sun, 28 Feb 2016 01:15 AM IST
विज्ञापन

शहर उत्तरी में राजकीय आस्थान की जमीन पर बसी लाखों की आबादी के उजड़ने का खतरा बढ़ गया है। पिछले दिनों प्रशासन ने प्रशासन ने जिस तरह से पक्के मकानों पर बुलडोजर चलवाया, उसे देखने के बाद राजकीय आस्थान की भूमि (स्टैंड लैंड) पर बसे लाखों परिवार सहमे हुए हैं। अब सबको फ्रीहोल्ड की प्रस्तावित नीति लागू होने का इंतजार है। हालांकि यह नीति राजस्व परिषद में अटकी हुई है। काफी समय बीतने के बाद भी शासन इस पर कोई निर्णय नहीं ले सका है।

विज्ञापन

शहर उत्तरी में बघाड़ा, छोटा बघाड़ा, सलोरी, बेली सहित तमाम इलाकों में राजकीय आस्थान की जमीन पर लाखों की आबादी बसी हुई है। राजकीय आस्था की भूमि को फ्रीहोल्ड किए जाने का कोई प्रावधान नहीं है, सो ये आबादी सरकारी दस्तावेजों में अवैध कब्जेदार के रूप में दर्ज है। ऐसे लोगों को प्रशासन की ओर से कई बार नोटिस जारी किया चुका है कि खुद ही मौके से चले जाएं, वरना प्रशासन वहां बुलडोजर चलवा देगा। कुछ दिनों पहले जब बघाड़ा में जब पक्के मकानों पर बुलडोजर चलवाया गया तो अन्य इलाकों में भी हड़कंप मच गया। 

विज्ञापन

दूसरी ओर राजकीय आस्थान की भूमि को नजूल की तरह फ्रीहोल्ड किए जाने का प्रस्ताव वर्षों से राजस्व परिषद में अटका हुआ है। अगर यह योजना लागू होती तो बघाड़ा में लोगों को अपने घरों से हाथ न गंवाना पड़ा। हालांकि कार्रवाई के बाद विधायक अनुग्रह नारायण सिंह ने कमिश्नर से मिलकर फ्रीहोल्ड की प्रस्तावित नीति पर बात करते हुए कार्रवाई रोकने की मांग की तो इस पर सहमति बन गई। 

विज्ञापन
विज्ञापन

अब सबको फ्रीहोल्ड की प्रस्तावित नीति लागू होने का इंतजार है ताकि राजकीय आस्थान की भूमि पर बसी आबादी फ्रीहोल्ड के जरिए सरकारी दस्तावेजों को खुद को वैध कब्जेदार घोषित करा सके। पिछले दिनों इलाहाबाद आए राजस्व परिषद के आयुक्त ने आश्वस्त किया था कि एक हफ्ते के भीतर नीति को अंतिम रूप देकर प्रस्ताव शासन के पास भेज दिया जाएगा ताकि कैबिनेट से उसे हरी झंडी मिल सके। फिलहाल फ्रीहोल्ड नीति का प्रस्ताव अब भी फाइलों के ढेर में दबा हुआ है और राजकीय आस्थान की भूमि पर बसी लाखों की आबादी पर उजड़ने का खतरा मंडरा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed