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पीएचक्यू के पास ढाबे पर आधी रात बमबाजी
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Midnight bombing at Dhaba near PHQ
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सिविल लाइंस में पुलिस मुख्यालय के पास आधी रात बमबाजी की गई। यहां कार से आए दबंगों ने ढाबे पर बम चलाए। जोरदार धमाके से सनसनी फैल गई। ढाबा मालिक का कहना है कि शराब पीने से मना करने पर यह वारदात की गई। उसने दो नामजद समेत सात लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास का केस दर्ज कराया है। पुलिस का कहना है कि हमलावरों की तलाश की जा रही है।
सिविल लाइंस में पुलिस मुख्यालय से कुछ दूर पर ही हरीश भोजनालय के नाम से ढाबा स्थित है। सोमवार रात करीब 11.30 बजे सफेद रंग की स्विफ्ट कार व एक बाइक पर सवार होकर यहां छह-सात युवक पहुंचे। इसके बाद वहां खड़े ढाबा मालिक के बेटे चंदन अरोरा को निशाना बनाकर बम फेंक दिया। गनीमत रही कि वह बाल-बाल बच गया और बम दुकान के शटर से जा टकराया।
जोरदार धमाके से वहां सनसनी फैल गई। इसके बाद हमलावरों एक और बम फेंका लेकिन यह नहीं फटा। चंदन के शोर मचाने पर कर्मचारी दौड़े तो हमलावर गालियां देते हुए भाग निकले। यही नहीं, धमकी भी दी कि पुलिस में शिकायत करने पर ढाबा नहीं चला पाओगे। भुक्तभोगी ने सूचना दी तो 112 नंबर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल के बाद वापस चली गई। सुबह उसने थाने पहुंचकर तहरीर दी। सिविल लाइंस इंस्पेक्टर वीरेंद्र यादव ने बताया कि तहरीर के आधार पर दो लोगों को नामजद करते अन्य अज्ञात पर केस दर्ज किया गया है। जांच पड़ताल की जा रही है।
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आधी रात तक कैसे खुला था ढाबा?
बमबाजी की घटना के बाद पीएचक्यू समेत अन्य कई महत्वपूर्ण कार्यालयों की सुरक्षा को लेकर सवाल भी खड़े हो गए हैं। दरअसल जिस जगह यह घटना हुई, उसके आसपास कई महत्वपूर्ण कार्यालय हैं। पीएचक्यू के साथ ही यहीं पर एजी ऑफिस, यूपी बोर्ड मुख्यालय, शिक्षा निदेशालय, राजस्व परिषद, राजकीय मुद्रणालय भी स्थित है। ऐसे में बड़ा सवाल है कि आखिर आधी रात तक ढाबा कैसे खुला था या उसके आसपास लोग कैसे जमा थे।
खुलेआम बम लेकर कैसे घूमते रहे दबंग
एक सवाल पुलिस की सक्रियता पर भी है। बड़ा सवाल यह है कि सिविल लाइंस जैसे पॉश इलाके में आधी रात मनबढ़ युवक बम लेकर घूम रहे थे तो पुलिस को इसकी भनक कैसे नहीं लगी। रात्रिकालीन ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी आखिर कहां थे। इसके अलावा संबंधित चौकी पुलिस की सक्रियता भी सवालों के घेरे में है। यह हाल तब था जब अगले ही दिन यानी मंगलवार को योग दिवस के आयोजन के मद्देनजर डिप्टी सीएम बृजेश पाठक समेत कई वीआईपी भी शहर में थे।
दोबारा आकर किया हमला
ढाबा मालिक के बेटे चंदन ने इस मामले में पुलिस को जो तहरीर दी है, उसके मुताबिक, दबंगों ने ढाबे पर दोबारा आकर हमला किया। बताया कि सभी घटना से पहले 9.30 से 10 बजे के बीच उसके ढाबे पर आए थे। उनके हाथ में शराब और बीयर की बोतलें थीं और वह वहीं बैठकर शराब पीना चाहते थे। मना करने पर उस समय तो सभी वापस चले गए। लेकिन 11.15 बजे के करीब दोबारा आकर बम से हमला कर दिया। बताया कि हमलावरों में से एक अभिषेक शुक्ला व दूसरा सोनू है। अन्य को वह नहीं पहचानता। उधर मौके पर पहुंचे पीआरवी के जवानों ने मौकेसे एक बम भी बरामद किया।
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सिविल लाइंस में पुलिस मुख्यालय से कुछ दूर पर ही हरीश भोजनालय के नाम से ढाबा स्थित है। सोमवार रात करीब 11.30 बजे सफेद रंग की स्विफ्ट कार व एक बाइक पर सवार होकर यहां छह-सात युवक पहुंचे। इसके बाद वहां खड़े ढाबा मालिक के बेटे चंदन अरोरा को निशाना बनाकर बम फेंक दिया। गनीमत रही कि वह बाल-बाल बच गया और बम दुकान के शटर से जा टकराया।
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जोरदार धमाके से वहां सनसनी फैल गई। इसके बाद हमलावरों एक और बम फेंका लेकिन यह नहीं फटा। चंदन के शोर मचाने पर कर्मचारी दौड़े तो हमलावर गालियां देते हुए भाग निकले। यही नहीं, धमकी भी दी कि पुलिस में शिकायत करने पर ढाबा नहीं चला पाओगे। भुक्तभोगी ने सूचना दी तो 112 नंबर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल के बाद वापस चली गई। सुबह उसने थाने पहुंचकर तहरीर दी। सिविल लाइंस इंस्पेक्टर वीरेंद्र यादव ने बताया कि तहरीर के आधार पर दो लोगों को नामजद करते अन्य अज्ञात पर केस दर्ज किया गया है। जांच पड़ताल की जा रही है।
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आधी रात तक कैसे खुला था ढाबा?
बमबाजी की घटना के बाद पीएचक्यू समेत अन्य कई महत्वपूर्ण कार्यालयों की सुरक्षा को लेकर सवाल भी खड़े हो गए हैं। दरअसल जिस जगह यह घटना हुई, उसके आसपास कई महत्वपूर्ण कार्यालय हैं। पीएचक्यू के साथ ही यहीं पर एजी ऑफिस, यूपी बोर्ड मुख्यालय, शिक्षा निदेशालय, राजस्व परिषद, राजकीय मुद्रणालय भी स्थित है। ऐसे में बड़ा सवाल है कि आखिर आधी रात तक ढाबा कैसे खुला था या उसके आसपास लोग कैसे जमा थे।
खुलेआम बम लेकर कैसे घूमते रहे दबंग
एक सवाल पुलिस की सक्रियता पर भी है। बड़ा सवाल यह है कि सिविल लाइंस जैसे पॉश इलाके में आधी रात मनबढ़ युवक बम लेकर घूम रहे थे तो पुलिस को इसकी भनक कैसे नहीं लगी। रात्रिकालीन ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी आखिर कहां थे। इसके अलावा संबंधित चौकी पुलिस की सक्रियता भी सवालों के घेरे में है। यह हाल तब था जब अगले ही दिन यानी मंगलवार को योग दिवस के आयोजन के मद्देनजर डिप्टी सीएम बृजेश पाठक समेत कई वीआईपी भी शहर में थे।
दोबारा आकर किया हमला
ढाबा मालिक के बेटे चंदन ने इस मामले में पुलिस को जो तहरीर दी है, उसके मुताबिक, दबंगों ने ढाबे पर दोबारा आकर हमला किया। बताया कि सभी घटना से पहले 9.30 से 10 बजे के बीच उसके ढाबे पर आए थे। उनके हाथ में शराब और बीयर की बोतलें थीं और वह वहीं बैठकर शराब पीना चाहते थे। मना करने पर उस समय तो सभी वापस चले गए। लेकिन 11.15 बजे के करीब दोबारा आकर बम से हमला कर दिया। बताया कि हमलावरों में से एक अभिषेक शुक्ला व दूसरा सोनू है। अन्य को वह नहीं पहचानता। उधर मौके पर पहुंचे पीआरवी के जवानों ने मौकेसे एक बम भी बरामद किया।