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बारिश संग छाए बदरा, पारा लुढ़का
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पहाड़ों पर बर्फबारी और बर्फीली हवाओं के जोर से शुक्रवार को ठंड के तेवर कड़क हो गए। दिन भर बदरी छाई रही। 24 घंटे में 23.2 मिलीमीटर बारिश से अधिकतम तापमान चार डिग्री सेल्सियस धड़ाम हो गया। आर्द्रता के उच्चतम स्तर पर रहने से ठिठुरन संग गलन बनी रही। लोग दिन में स्वेटर और जैकेट के साथ टोपी-मफलर पहने नजर आए। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक बादल हटते ही कड़ाके की ठंड सताएगी।
शुक्रवार को सूरज बादलों की ओट में दुबका रहा। अधिकतम पारा 24 घंटे में ही चार डिग्री लुढ़ककर 24.7 डिग्री से 20 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। अधिकतम पारे ने तो गोता लगाया वहीं न्यूनतम पारा बादलों के प्रभाव में आकर करीब तीन डिग्री से बढ़कर 16.0 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। आर्द्रता की उछाल उच्चतम स्तर 100 फीसदी पर टिकी रही। वहीं न्यूनतम आर्द्रता 85 मापी गई। दिन और रात के तापमान में अंतर कम होने से मौसम सर्द बना रहेगा। साथ ही कोहरे का प्रकोप भी बढ़ेगा।
बृहस्पतिवार की रात हुई झमाझम बारिश रात करीब ढाई बजे थमी। शुक्रवार सुबह करीब सात बजे बादल अचानक फिर बरसे। बारिश इतनी तेज थी कि स्कूल-कॉलेज जाने को निकले बच्चे भीग गए। दिन भर ठंडी हवाएं सताती रहीं। शुक्रवार शाम तक कुल 23.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। बारिश का प्रभाव शहर की सड़कों और गलियों में साफ दिखा। कहीं पानी भरा था तो कहीं फुटपाथ पर जमा पानी कीचड़ में बदलकर फिसलन का कारण बना।
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मौसम विज्ञानी प्रोफेसर एचएन मिश्रा के मुताबिक पहाड़ों पर बर्फबारी का उत्तर भारत में तेज असर है। बादलों का छाए रहना स्थानीय प्रभाव के साथ मौसम के अनुकूल है। उन्होंने बताया कि अगले एक सप्ताह में कोहरा भी परेशान करेगा। शनिवार को बादल छाए रहने और बूंदाबांदी के आसार हैं। रविवार को मौसम साफ हो सकता है। बादल हटेंगे तो भी धूप प्रभावी नहीं होगी। यह स्थिति कड़ाके की ठंड की संभावनाओं को बढ़ा रहे हैं। धीरे-धीरे पारा नीचे गिरेगा और ठंड प्रभावी होगी।
सेहत के लिए ठीक नहीं मौसम
चिकित्सकों के मुताबिक अचानक बढ़ी ठंड और बर्फीली हवाएं सेहत के लिए ठीक नहीं हैं। बिना शरीर पर गर्म कपड़े डाले बाहर निकलना किसी को भी बिस्तर पर पहुंचा सकता है। दिल के रोगी, मधुमेह और उच्च रक्तचाप से पीड़ित मरीजों को विशेष एहतियात बरतने की जरूरत है। बुजुर्गों और बच्चों को विशेष रूप से ठंड से बचाना होगा। सिर पर टोपी और पैरों में मोजे जरूर पहनें। ठंडे पानी से स्नान करने के बचना चाहिए। एसआरएन अस्पताल के फिजीशियन डॉ. कमलेश सोनकर के मुताबिक मौसम की मार से लोग पक्षाघात का शिकार हो जाते हैं। बीपी के मरीजों को विशेष एहतियात बरतने के साथ सर्दी से बचाव जरूरी है। वहीं फिजीशियन डॉ. आरएन पांडेय ने बताया कि इस मौसम में सर्दी जुकाम का प्रकोप लोगों को बुखार पीड़ित बना रहा है। ओपीडी में ठंड से पीड़ित मरीजों की संख्या अचानक बढ़ी है। लोगों को नियमित दवाएं लेने के साथ एहतियात बरतने की सलाह दी जा रही है।
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शुक्रवार को सूरज बादलों की ओट में दुबका रहा। अधिकतम पारा 24 घंटे में ही चार डिग्री लुढ़ककर 24.7 डिग्री से 20 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। अधिकतम पारे ने तो गोता लगाया वहीं न्यूनतम पारा बादलों के प्रभाव में आकर करीब तीन डिग्री से बढ़कर 16.0 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। आर्द्रता की उछाल उच्चतम स्तर 100 फीसदी पर टिकी रही। वहीं न्यूनतम आर्द्रता 85 मापी गई। दिन और रात के तापमान में अंतर कम होने से मौसम सर्द बना रहेगा। साथ ही कोहरे का प्रकोप भी बढ़ेगा।
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बृहस्पतिवार की रात हुई झमाझम बारिश रात करीब ढाई बजे थमी। शुक्रवार सुबह करीब सात बजे बादल अचानक फिर बरसे। बारिश इतनी तेज थी कि स्कूल-कॉलेज जाने को निकले बच्चे भीग गए। दिन भर ठंडी हवाएं सताती रहीं। शुक्रवार शाम तक कुल 23.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। बारिश का प्रभाव शहर की सड़कों और गलियों में साफ दिखा। कहीं पानी भरा था तो कहीं फुटपाथ पर जमा पानी कीचड़ में बदलकर फिसलन का कारण बना।
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मौसम विज्ञानी प्रोफेसर एचएन मिश्रा के मुताबिक पहाड़ों पर बर्फबारी का उत्तर भारत में तेज असर है। बादलों का छाए रहना स्थानीय प्रभाव के साथ मौसम के अनुकूल है। उन्होंने बताया कि अगले एक सप्ताह में कोहरा भी परेशान करेगा। शनिवार को बादल छाए रहने और बूंदाबांदी के आसार हैं। रविवार को मौसम साफ हो सकता है। बादल हटेंगे तो भी धूप प्रभावी नहीं होगी। यह स्थिति कड़ाके की ठंड की संभावनाओं को बढ़ा रहे हैं। धीरे-धीरे पारा नीचे गिरेगा और ठंड प्रभावी होगी।
सेहत के लिए ठीक नहीं मौसम
चिकित्सकों के मुताबिक अचानक बढ़ी ठंड और बर्फीली हवाएं सेहत के लिए ठीक नहीं हैं। बिना शरीर पर गर्म कपड़े डाले बाहर निकलना किसी को भी बिस्तर पर पहुंचा सकता है। दिल के रोगी, मधुमेह और उच्च रक्तचाप से पीड़ित मरीजों को विशेष एहतियात बरतने की जरूरत है। बुजुर्गों और बच्चों को विशेष रूप से ठंड से बचाना होगा। सिर पर टोपी और पैरों में मोजे जरूर पहनें। ठंडे पानी से स्नान करने के बचना चाहिए। एसआरएन अस्पताल के फिजीशियन डॉ. कमलेश सोनकर के मुताबिक मौसम की मार से लोग पक्षाघात का शिकार हो जाते हैं। बीपी के मरीजों को विशेष एहतियात बरतने के साथ सर्दी से बचाव जरूरी है। वहीं फिजीशियन डॉ. आरएन पांडेय ने बताया कि इस मौसम में सर्दी जुकाम का प्रकोप लोगों को बुखार पीड़ित बना रहा है। ओपीडी में ठंड से पीड़ित मरीजों की संख्या अचानक बढ़ी है। लोगों को नियमित दवाएं लेने के साथ एहतियात बरतने की सलाह दी जा रही है।