Magh Mela : नहीं चली मेला स्पेशल ट्रेन और न ही चलीं अतिरिक्त बसें, शाम को आने वाली ट्रेनों में रही भीड़
प्रयागराज जंक्शन पर भी यात्रियों को रूट वार आश्रय स्थल से प्रवेश दिया गया, लेकिन दोपहर तक सामान्य दिनों जैसी ही आवाजाही रही। रूटीन ट्रेन में आने वाली भीड़ अन्य दिनों के मुकाबले शनिवार को ज्यादा रही। प्रयाग जंक्शन, प्रयागराज छिवकी का भी यही हाल रहा।
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मकर संक्रांति पर उम्मीद से कम भीड़ होने की वजह से स्पेशल ट्रेन चलाने की जरूरत नहीं पड़ी। रामबाग से दो स्पेशल ट्रेन चलाने के लिए समय सारिणी जारी की गई थी, लेकिन भीड़ न होने की वजह से चलाने की जरूरत नहीं पड़ी। यही हाल जंक्शन और संगम स्टेशन का भी रहा। हालांकि, शाम को अयोध्या, गोरखपुर आदि रूट से आने वाली ट्रेनें यात्रियों से ठसाठस आईं।
प्रयागराज जंक्शन पर भी यात्रियों को रूट वार आश्रय स्थल से प्रवेश दिया गया, लेकिन दोपहर तक सामान्य दिनों जैसी ही आवाजाही रही। रूटीन ट्रेन में आने वाली भीड़ अन्य दिनों के मुकाबले शनिवार को ज्यादा रही। प्रयाग जंक्शन, प्रयागराज छिवकी का भी यही हाल रहा। रेलवे के मेला क्षेत्र स्थित काउंटर से शाम छह बजे तक अनारक्षित श्रेणी के कुल 72 टिकट बिके। यहां रिजर्वेशन करवाने वाले यात्रियों की संख्या 121 रही। वहीं प्रयागराज जंक्शन पर दिन भर में 3269, नैनी में 203 ओर प्रयागराज छिवकी में कुल 612 अनारक्षित श्रेणी के टिकट बिके।
उधर, रोडवेज ने भी 2800 बसों को चलाने की तैयारी की थी, लेकिन अनुमान से कम भीड़ होने की वजह से अतिरिक्त बस चलाने की जरूरत नहीं पड़ी। दोपहर में दो बजे के आसपास सिविल लाइंस बस स्टेशन एकबारगी भीड़ काफी हो गई। इस दौरान वर्कशॉप में खड़ी कुछ बसों के आ जाने से हालात सामान्य हो गए। रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक एमके त्रिवेदी ने बताया कि अनुमान के हिसाब से भीड़ नहीं थी। पर्व दो दिन है। इसलिए रविवार को भी 2800 बसों के संचालन की तैयारी है।
जंक्शन के कंट्रोल टावर से होती रही निगरानी
प्रयागराज जंक्शन पर रेलवे के कंट्रोल टावर में शहर के सभी रेलवे स्टेशन, मेला क्षेत्र एवं प्रमुख चौराहों पर लगे 250 से अधिक कैमरे की लाइव फुटेज आती रही। यहां आरपीएफ इंसपेक्टर पीके ओझा, एसके सिंह, बीके सिंह आदि कंट्रोल रूम से मेला क्षेत्र के साथ ही सभी स्टेशनों पर यात्रियों की आवाजाही की लगातार मॉनीटरिंग करते रहे।
भीड़ रही कम, फिर भी बंद रहा रास्ता
माघ मेले के दूसरे प्रमुख स्नान पर्व मकर संक्रांति के मौके पर स्टेशनों पर सामान्य दिनों जैसी ही भीड़ रही। इसके बाद भी प्रयागराज जंक्शन के सिविल लाइंस साइड से प्रवेश न दिए जाने की वजह से यात्रियों को लंबा चक्कर भी लगाना पड़ा।
जिला और रेलवे प्रशासन द्वारा माघ मेले के सभी स्नान पर्व पर जंक्शन के सिविल लाइंस साइड से यात्रियों के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी है। यात्रियों को बाहर तो आने दिया गया, लेकिन किसी को प्रवेश नहीं दिया गया। छह से दस नंबर तक के प्लेटफार्म से जिन्हें ट्रेन पकड़नी थी उन्हें लंबा चक्कर लगाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
वंदे भारत से उतरे मम्फोर्डगंज के आशुतोष ने कहा प्लेटफार्म से उन्हें नवाब युसूफ रोड तक पैदल ही आना पड़ा। एक दो कुलियों से भी बात की गई, लेकिन वह सामान उठाने का शुल्क काफी ज्यादा मांग रहे थे। इसी तरह शाम को कामायनी एक्सप्रेस से जंक्शन पर उतरे राजीव श्रीवास्तव ने बताया कि उन्हें जार्जटाउन जाना था।
परिवार के सदस्य रिसीव करने के लिए तो मालूम पड़ा सभी सिटी साइड में ही हैं, क्योंकि सिविल लाइंस साइड से नो इंट्री है। कुली किया तो उसने सिटी साइड जाने के लिए 300 रुपये मांगे। बड़ी मुश्किल से वह 250 रुपये में राजी हुआ, जबकि जंक्शन पर सामान्य दिनों जैसी ही चहल पहल थी। अगर सिविल लाइंस साइड से रास्ता खुला होता तो कम चलना पड़ता। रेलवे प्रशासन को चाहिए कि वह भीड़ के हिसाब से ही प्लानिंग करे।