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Prayagraj News: नौ मुकदमों में बरती गई लापरवाही पर मेजा थानाध्यक्ष को नोटिस
Thu, 17 Sep 2026 02:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
Updated Thu, 17 Sep 2026 02:21 AM IST
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ग्राम न्यायालय ने 32 साल पुराने मामलों में भी वारंट और समन का तामीला न कराने पर मेजा थाना प्रभारी को नौ अलग-अलग मुकदमों में नोटिस जारी किया है। साथ ही लापरवाह के लिए पुलिस आयुक्त प्रयागराज को रिपोर्ट भेजी गई है।
ग्राम न्यायालय मेजा के न्यायाधिकारी संतोष कुमार वर्मा ने बताया कि एक गंभीर मामला ग्राम न्यायालय के सामने आया है, जहां मुकदमों के त्वरित निस्तारण के प्रति मेजा पुलिस की लापरवाही उजागर हुई है।
न्यायालय में विचाराधीन 32 वर्ष पुराने मुकदमों में निर्गत आदेशिकाओं (समन, जमानतीय-गैर जमानतीय अधिपत्र और धारा 82-83 की कार्रवाई) को नियत तिथि तक कोर्ट में प्रस्तुत न करने का मामला पकड़ में आया है। कोर्ट ने नौ अलग-अलग मुकदमों में बरती गई लापरवाही पर थाना प्रभारी मेजा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। न्यायाधिकारी ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि पुलिस का यह कृत्य न केवल घोर लापरवाही है बल्कि उदासीनता का द्योतक है। न्यायाधिकारी ने बताया कि दो माह के अंदर 35 साल पुराने कई मुकदमों का निस्तारण किया गया है।
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ग्राम न्यायालय मेजा के न्यायाधिकारी संतोष कुमार वर्मा ने बताया कि एक गंभीर मामला ग्राम न्यायालय के सामने आया है, जहां मुकदमों के त्वरित निस्तारण के प्रति मेजा पुलिस की लापरवाही उजागर हुई है।
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न्यायालय में विचाराधीन 32 वर्ष पुराने मुकदमों में निर्गत आदेशिकाओं (समन, जमानतीय-गैर जमानतीय अधिपत्र और धारा 82-83 की कार्रवाई) को नियत तिथि तक कोर्ट में प्रस्तुत न करने का मामला पकड़ में आया है। कोर्ट ने नौ अलग-अलग मुकदमों में बरती गई लापरवाही पर थाना प्रभारी मेजा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। न्यायाधिकारी ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि पुलिस का यह कृत्य न केवल घोर लापरवाही है बल्कि उदासीनता का द्योतक है। न्यायाधिकारी ने बताया कि दो माह के अंदर 35 साल पुराने कई मुकदमों का निस्तारण किया गया है।
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