{"_id":"57152ab14f1c1bb1068b4605","slug":"mayor-accused-of-dividing-the-councilors","type":"story","status":"publish","title_hn":"महापौर पर पार्षदों में फूट डालने का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महापौर पर पार्षदों में फूट डालने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Tue, 19 Apr 2016 12:41 AM IST
विज्ञापन
नगर निगम
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इलाहाबाद। बढ़े गृहकर एवं बजट के मुद्दे पर दो गुटों में बंटे पार्षदों का मामला और गरम होता दिख रहा है। सोमवार को नगर निगम कार्यकारिणी उपाध्यक्ष सुशील कुमार यादव के नेतृत्व में पार्षदों ने मंडलायुक्त को संबोधित ज्ञापन अपर आयुक्त डीपी गिरि को सौंपकर महापौर और नगर आयुक्त पर ही पार्षदों में फूट डलवाने का आरोप लगाया। श्री यादव ने कहा कि कुछ ठेकेदारी करने और करवाने वाले तथा पार्षदों को उनके क्षेत्र में विकास कार्य कराने का लालच देकर ऐसा किया जा रहा है। पार्षदों में आपसी फूट डालकर निरंतर मनमानी की जा रही है, जिससे निगम में भ्रष्टाचार का बोलबाला है।
उन्होंने बताया कि निगम अधिनियम की धारा 88 में प्रावधान है कि कुल सदस्यों में से 1/6 सदस्य हस्ताक्षरयुक्त आवेदन करने किसी भी विषय पर सदन की बैठक बुलाना अनिवार्य है। बढ़े गृहकर पर चर्चा कराने के लिए 31 पार्षदों ने हस्ताक्षर कर सदन बुलाने की मांग की, जिस पर सदन की जगह बजट के लिए कार्यकारिणी समिति की बैठक बुलाई गई। कार्यकारिणी के 12 में आठ सदस्यों ने बहुमत के आधार पर धारा 93 के अंतर्गत समिति की बैठक स्थगित कर धारा 88 के तहत बढे़ टैक्स पर सदन बुलाने की मांग की। एक अप्रैल को सदन बुलाई गई लेकिन कोरम का अभाव बताकर बैठक स्थगित कर दी गई, जो लोकतंत्र एवं संविधान के विरुद्ध है। उन्होंने मंडलायुक्त से तथ्यों को संज्ञान में लेकर आवश्यक कदम उठाने की मांग की। इसमें पार्षद शिव सेवक सिंह, अतहर रजा लाडले, चंद्रशेखर बच्चा, विजय पुर्सवानी, अभय यादव, पूर्व पार्षद कमलेश सिंह, चंद्रप्रकाश गंगा आदि शामिल थे।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि निगम अधिनियम की धारा 88 में प्रावधान है कि कुल सदस्यों में से 1/6 सदस्य हस्ताक्षरयुक्त आवेदन करने किसी भी विषय पर सदन की बैठक बुलाना अनिवार्य है। बढ़े गृहकर पर चर्चा कराने के लिए 31 पार्षदों ने हस्ताक्षर कर सदन बुलाने की मांग की, जिस पर सदन की जगह बजट के लिए कार्यकारिणी समिति की बैठक बुलाई गई। कार्यकारिणी के 12 में आठ सदस्यों ने बहुमत के आधार पर धारा 93 के अंतर्गत समिति की बैठक स्थगित कर धारा 88 के तहत बढे़ टैक्स पर सदन बुलाने की मांग की। एक अप्रैल को सदन बुलाई गई लेकिन कोरम का अभाव बताकर बैठक स्थगित कर दी गई, जो लोकतंत्र एवं संविधान के विरुद्ध है। उन्होंने मंडलायुक्त से तथ्यों को संज्ञान में लेकर आवश्यक कदम उठाने की मांग की। इसमें पार्षद शिव सेवक सिंह, अतहर रजा लाडले, चंद्रशेखर बच्चा, विजय पुर्सवानी, अभय यादव, पूर्व पार्षद कमलेश सिंह, चंद्रप्रकाश गंगा आदि शामिल थे।
विज्ञापन