दमादम मस्त कलंदर पर झूमे सभी
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त्रिवेणी महोत्सव में पांचवें दिन मंच स्थानीय कलाकारों के नाम रहा। सूफियाना गायकी को परवान चढ़ाते हुए कबीर एवं जलज ने गजलों से शाम सजाई। उन्होेंने ‘छाप तिलक सब छीनी से मोसे नैना मिलाइके/बात अजब कह दीनी से मोसे नैना मिलाइकै’ सुनाकर समां बांधा। श्रोताओं से रिश्ता जोड़ने के बाद उन्होंने सुनाया, ‘दमादम मस्त कलंदर, सिंधरी दा, सेवन दा, सखी शाहबाज कलंदर, अली दा पहला नंबर...’ तो हर कोई झूमे बिना नहीं रह सका।
आरती से शुरुआत के बाद मंच गायकों के नाम रहा। सूफी गायक मानक अली के न आने से लोग मायूस जरूर हुए लेकिन जलज और कबीर ने उन्हें अपने सुरों के जादू से सम्मोहित किया और पूरे समय तक बांधे रखा। बाद में ऑल इंडिया मुशायरे में हाशिम फिरोजाबादी, डॉ.जावेद नसीमी, कमरुल हसन सिद्दकी, सैफ बाबर, डॉ.असलम इलाहाबादी, अख्तर अजीज, नजीब इलाहाबादी, मखदूम फूलपुरी आदि शायरों ने शायरी में समय और समाज का सच उकेरा। हालांकि मशहूर शायर मुनव्वर राना और मंजर भोपाली की गैरमौजूदगी लोगों को अखरी।
त्रिवेणी महोत्सव के अंतिम दिन पार्श्व गायक जावेद अली जहां अपने गीतों से लोगों को मंत्रमुग्ध करेंगे वहीं सिनेतारिका अमीषा पटेल अपने ग्रुप के साथ लुभाएंगी। इसके अलावा डॉ.हरिओम की प्रस्तुति भी होगी।