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Prayagraj News: ईरान और दुबई में फंसे झूंसी के कई युवक, सहमे परिजन
Tue, 03 Mar 2026 12:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
Updated Tue, 03 Mar 2026 12:40 AM IST
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ईरान की अमेरिका-इस्त्राइल के बीच जारी युद्ध के बाद इन देशों और खाड़ी के देशों में रह रहे गंगापार के युवकों की जान सांसत में है। उनके परिजन भी अनहोनी की आशंका को लेकर सहमे हुए हैं। हालत यह है कि ईरान में धार्मिक पढ़ाई करने गए गंगापार के युवकों के परिजन बेटे के महफूज होने की दुआ कर रहे हैं।
बहादुरपुर ब्लाॅक के देवरिया गांव निवासी इम्तियाज हुसैन का बेटा कामरान रिजवी तकरीबन तीन साल पहले ईरान के कुम शहर के धार्मिक पढ़ाई करने गया था। युद्ध शुरू होने के ठीक एक दिन पहले कामरान की परिजनों से इंटरनेट कॉल पर बात हुई थी। तब उसने बताया था कि यहां सबकुछ ठीक-ठाक है। दूसरे ही दिन इस्त्राइल और अमेरिका ने ईरान पर हमला कर दिया।
इसके बाद तो ईरान की राजधानी तेहरान के साथ ही पूरे देश में तबाही का मंजर है। जंग छिड़ने के बाद से कामरान की परिजनों से बातचीत नहीं हुई। इसी प्रकार बलीपुर गांव निवासी शकूर का बेटा दिलशाद दुबई में फंसा है। तकरीबन दो साल पहले वह इलेक्ट्रॉनिक्स का काम करने गया था। दो दिन पहले दिलशाद की परिजनों से बात हुई थी। रोजा इफ्तार के वक्त परिजनों के पास उसका फोन आया था। उसने बताया था कि यहां के हालात बिगड़ने से वह परेशान है। मोबाइल फोन पर हुई बातचीत में परिजनों को बताया था कि लगातार बम के धमाके सुनाई दे रहे हैं। संवाद
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सोशल मीडिया पर फेक वीडियो से भी परिजन परेशान
गंगापार के झूंसी कोहना इलाके के बिजली मिस्त्री शकील का बेटा आदिल भी इस वक्त दुबई में है। पिछले दो दिनों से उसका भी परिजनों से संपर्क नहीं हो पाया है। ऐसे में सोशल मीडिया पर फेक वीडियो की भरमार होने से यहां रह रहे परिजन बेहद परेशान हैं। वहां फंसे लोग वापस भारत आना चाहते हैं लेकिन ईरान समेत खाड़ी के देशों में एयरपोर्ट बंद होने से सभी जहां के तहां फंसे हुए है।
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बहादुरपुर ब्लाॅक के देवरिया गांव निवासी इम्तियाज हुसैन का बेटा कामरान रिजवी तकरीबन तीन साल पहले ईरान के कुम शहर के धार्मिक पढ़ाई करने गया था। युद्ध शुरू होने के ठीक एक दिन पहले कामरान की परिजनों से इंटरनेट कॉल पर बात हुई थी। तब उसने बताया था कि यहां सबकुछ ठीक-ठाक है। दूसरे ही दिन इस्त्राइल और अमेरिका ने ईरान पर हमला कर दिया।
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इसके बाद तो ईरान की राजधानी तेहरान के साथ ही पूरे देश में तबाही का मंजर है। जंग छिड़ने के बाद से कामरान की परिजनों से बातचीत नहीं हुई। इसी प्रकार बलीपुर गांव निवासी शकूर का बेटा दिलशाद दुबई में फंसा है। तकरीबन दो साल पहले वह इलेक्ट्रॉनिक्स का काम करने गया था। दो दिन पहले दिलशाद की परिजनों से बात हुई थी। रोजा इफ्तार के वक्त परिजनों के पास उसका फोन आया था। उसने बताया था कि यहां के हालात बिगड़ने से वह परेशान है। मोबाइल फोन पर हुई बातचीत में परिजनों को बताया था कि लगातार बम के धमाके सुनाई दे रहे हैं। संवाद
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सोशल मीडिया पर फेक वीडियो से भी परिजन परेशान
गंगापार के झूंसी कोहना इलाके के बिजली मिस्त्री शकील का बेटा आदिल भी इस वक्त दुबई में है। पिछले दो दिनों से उसका भी परिजनों से संपर्क नहीं हो पाया है। ऐसे में सोशल मीडिया पर फेक वीडियो की भरमार होने से यहां रह रहे परिजन बेहद परेशान हैं। वहां फंसे लोग वापस भारत आना चाहते हैं लेकिन ईरान समेत खाड़ी के देशों में एयरपोर्ट बंद होने से सभी जहां के तहां फंसे हुए है।