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कई शाखाओं में झड़प, करेली, अल्लापुर में हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Wed, 23 Nov 2016 01:21 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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बैंकों में कैश की मंगलवार को भी बनी रही। कैश नहीं होने से घंटों लाइन लगने के बाद भी लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ा। नगदी न होने का असर सभी बैंकों की शाखाओं पर पड़ा। नाराज ग्राहक कर्मचारियों से उलझते रहे। इलाहाबाद बैंक करेली, पीएनबी नैनी, एसबीआई झूंसी में ग्राहकों की बैंक कर्मियों से जमकर नाेंक-झोक हुई। वहीं कैश न मिलने से परेशान लोगों ने एसबीआई करेली शाखा में हंगामा कर दिया। कर्मचारियों से जमकर झगड़ा किया। यही स्थिति बैंक ऑफ बड़ौदा अल्लापुर में देखी गई।
बैंकों में सामान्य कामकाज धीरे-धीरे पटरी पर लौट रहा है और भीड़ का दबाव भी कम हुआ है लेकिन कैश की समस्या बनी हुई है। आरबीआई से पर्याप्त कैश बैंकों को नहीं भेजा जा रहा है। जहां कैश है, वहां बड़ी नोट होने के कारण लोग भुगतान लेने से बच रहे हैं। लोगों का कहना है कि जब इस पैसे से उनकी रोजमर्रा की जरूरतें पूरी नहीं हो सकतीं तो आखिर वे इस नोट का क्या करेंगे। बैंकों में लोग छोटे नोट के लिए कर्मचारियों पर दबाव बनाते रहे।
बैंकों में नोट एक्सचेंज करने की सीमा 4500 से घटाकर 2000 करने के बाद अब लोगों की भीड़ नहीं दिख रही। पीएनबी के अश्वनी तिवारी ने बताया कि पहले नोट बदलने के लिए कालेधन वाले लोगों को पांच सौ और तीन सौ के खर्च पर लाइन में लगाते थे, अब सीमा कम हो जाने के बाद यह बंद हो गया है।
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बैंकों में लगने वाली लाइन कम हुई है लेकिन एटीएम पर लगने वाली कतार कम नहीं हो रही है। मंगलवार को पैसा निकालने के लिए लोग लगातार एटीएम पर जमे रहे। शहर में एटीएम सेवा में सुधार आने के बाद भी कुछ प्रमुख बैंकों के एटीएम ठप रहे। इससे लोगों में जबरदस्त नाराजगी है।
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बैंकों में सामान्य कामकाज धीरे-धीरे पटरी पर लौट रहा है और भीड़ का दबाव भी कम हुआ है लेकिन कैश की समस्या बनी हुई है। आरबीआई से पर्याप्त कैश बैंकों को नहीं भेजा जा रहा है। जहां कैश है, वहां बड़ी नोट होने के कारण लोग भुगतान लेने से बच रहे हैं। लोगों का कहना है कि जब इस पैसे से उनकी रोजमर्रा की जरूरतें पूरी नहीं हो सकतीं तो आखिर वे इस नोट का क्या करेंगे। बैंकों में लोग छोटे नोट के लिए कर्मचारियों पर दबाव बनाते रहे।
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बैंकों में नोट एक्सचेंज करने की सीमा 4500 से घटाकर 2000 करने के बाद अब लोगों की भीड़ नहीं दिख रही। पीएनबी के अश्वनी तिवारी ने बताया कि पहले नोट बदलने के लिए कालेधन वाले लोगों को पांच सौ और तीन सौ के खर्च पर लाइन में लगाते थे, अब सीमा कम हो जाने के बाद यह बंद हो गया है।
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बैंकों में लगने वाली लाइन कम हुई है लेकिन एटीएम पर लगने वाली कतार कम नहीं हो रही है। मंगलवार को पैसा निकालने के लिए लोग लगातार एटीएम पर जमे रहे। शहर में एटीएम सेवा में सुधार आने के बाद भी कुछ प्रमुख बैंकों के एटीएम ठप रहे। इससे लोगों में जबरदस्त नाराजगी है।