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पीएन तिवारी का निधन

Thu, 13 Feb 2020 01:33 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 13 Feb 2020 01:33 AM IST
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Many achievements in the journey from labor to leader
Many achievements in the journey from labor to leader - फोटो : CITY DESK
प्रयागराज। पीएन तिवारी ने 1946 में बैंक की नौकरी शुरू करने के साथ ही संघर्ष की राह पकड़ ली थी। 1957 से 2013 तक यानी, 57 साल तक वह बैंक इंप्लाइज यूनियन के प्रांतीय महामंत्री रहे। चेयरमैन जैसा पद उनके सम्मान में सृजित किया गया लेकिन नेता, बनने तक का उनका यह सफर बहुत आसान नहीं रहा। बैंक में नौकरी से पहले उन्हें मजदूरी तक करनी पड़ी।
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मूलत: कुंडा-प्रतापगढ़ के रहने वाले पीएन तिवारी के पिताजी भी बैंक में नौकरी करते थे लेकिन, वह भी सिद्धांतों से समझौता करने वाले नहीं थे। इसकी वजह से बैंक प्रबंधन से नहीं पटी और नौकरी छोड़ दी। इसके बाद परिवार की आर्थिक स्थिति डगमगा गई। बेटे रमाशंकर बताते हैं, इसके बाद पिताजी को मजदूरी करनी पड़ी। वह दिल्ली चले गए और बैंक में ही संविदा पर चपरासी की नौकरी की। रमाशंकर ने बताया, पहले भारत बैंक में उनकी नौकरी लगी लेकिन बाद में बैंक बंद हो गया। इसके बाद 1946 में पंजाब नेशनल बैंक में नौकरी लगी और गोरखपुर में तैनात रहे। फिर 1957 में इलाहाबाद (अब प्रयागराज) आ गए और बैंक कर्मचारी यूनियन का प्रांतीय महामंत्री रहने के साथ केंद्रीय नेतृत्व में कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे। अंतिम समय तक यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन के चेयरमैन रहे। यह पद उनके सम्मान में सृजित किया गया था।
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पत्नी, बेटे के निधन के समय नहीं थे मौजूद
पीएन तिवारी बैंक कर्मचारियों के अधिकारों तथा यूनियन के लिए पूरी तरह से समर्पित रहे। पुत्र रमाशंकर बताते हैं, मां का 1977 में निधन हुआ था लेकिन पिताजी उस समय शहर में ही नहीं थे। वह यूनियन की बैठक में शामिल होने के लिए मेरठ मेें थे और उसकी समाप्ति के बाद ही वापस आए। इसकी वजह से माताजी का अंतिम संस्कार उनके आने पर दो दिन बाद हुआ। रमाशंकर ने बताया कि उनके छोटे भाई का पांच वर्ष की आयु में निधन हो गया था। तब भी पिताजी यूनियन के काम से बाहर गए थे। वह चार दिन बाद लौटे थे। तब तक अंतिम संस्कार हो चुका था। वह यूनियन के लिए ही जीते थे और महीने में 20 दिन उनका सफर में कटता था। बैंक इंप्लाइज यूनियन के जिलाध्यक्ष मदनजी उपाध्याय ने बताया कि दो दिन पहले भी वह पत्रिका मार्ग स्थित यूनियन भवन गए थे।
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कोऑपरेटिव बैंक कर्मियों को दिलाया सम्मान
पीएनबी की साख बचाने के लिए तीन तक थामे रहे माइक और बांटा पैसा
प्रयागराज। पीएन तिवारी ने बैंक कर्मचारियों के हक के लिए न सिर्फ संघर्ष किया बल्कि सफलता भी हासिल की। कोऑपरेटिव बैंक के कर्मचारियों को सम्मान और उनका अधिकार दिलाने का श्रेय पीएन तिवारी को ही जाता है।
कोऑपरेटिव बैंक में जोशी एवार्ड के लिए उन्होंने प्रबंधन के खिलाफ 10 वर्ष से अधिक समय तक लड़ाई लड़ी। यह एवार्ड कर्मचारियों के सम्मान और अधिकार से जुड़ा था। 1972 से ही पीएन तिवारी के साथ साया बनकर रहे लंबे समय तक यूनियन के जिला महामंत्री रहे यूको बैंक के शिवमूर्ति तिवारी ने बताया कि पीएन तिवारी सर्विस एवं लेबर लॉ के विशेषज्ञ थे। उनकी हिंदी और अंग्रेजी पर बराबर कमांड था। जोशी एवार्ड के लिए यूनियन प्रतिनिधि के तौर वर अकेले लड़ाई लड़े और जीत हासिल की। पीएन तिवारी के मार्गदर्शन में शुरू बैंक कर्मचारी संवाद पत्रिका के मुख्य संपादक तथा 1976 से ही उनके साथ रहे जेएन शुक्ला ने बताया कि बैंक प्रबंधन के साथ बैठकों के अलावा कई ट्रिव्यूनल में भी उन्होंने कर्मचारियों की लड़ाई लड़ी। पीएन तिवारी ने बैंक इंप्लाइज वेलफेयर ट्रस्ट का भी गठन किया और उसका मुख्यालय यूनियन भवन पत्रिका मार्ग पर स्थित है। पीएन तिवारी उसके आजीवन ट्रस्टी तथा अध्यक्ष बने रहे। 1958 में बैंक इंप्लाइज क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड का गठन भी पीएन तिवारी ने किया। वर्तमान अध्यक्ष मदनजी उपाध्याय ने बताया कि सोसाइटी आज भी बैंक कर्मचारियों की आर्थिक जरूरतों को पूरा कर रही है। यूनियन के जिला सचिव शशिकांत ने बताया कि पीएन तिवारी संगठन के कार्यों के लिए करीब 800 दिन बिना वेतन के छुट्टी पर रहे। उन्होंने बताया कि 60-65 वर्ष पहले भी पीएनबी के बंद होने की अफवाहा उड़ी थी। तब पीएन तिवारी दिल्ली में तीन दिनों तक माइक लेकर लगातार चिल्लाते रहे और आरबीआई की मदद से लोगों को बुलाकर पैसा बांटते रहे। शशिकांत ने बताया कि वह 91 वर्ष की आयु तक लगातार यूनियन भवन आते रहे।

बैंक और यूनियन में सफर
भारत बैंक में पहली नौकरी फिर 1946 में पीएनबी से जुड़े
1957 से 2013 तक यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन के प्रांतीय महामंत्री
2013 में प्रांतीय अध्यक्ष बने तथा वर्तमान में चेयरमैन थे
1976 में आल इंडिया बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन में सहायक मंत्री, 2014 में उपाध्यक्ष
1985 से वर्षों तक पीएनबी स्टाफ एसोसिएशन के प्रांतीय महामंत्री

Many achievements in the journey from labor to leader

Many achievements in the journey from labor to leader- फोटो : CITY DESK

Many achievements in the journey from labor to leader

Many achievements in the journey from labor to leader- फोटो : CITY DESK

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