{"_id":"5c0d002cbdec2241585f3db5","slug":"man-doing-advocacy-on-others-advocate-roll-in-prayagraj-fir-registered","type":"story","status":"publish","title_hn":"दूसरे के एडवोकेट रोल पर वर्षों करता रहा वकालत, हाईकोर्ट में पकड़ा गया फर्जीवाड़ा, एफआईआर दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दूसरे के एडवोकेट रोल पर वर्षों करता रहा वकालत, हाईकोर्ट में पकड़ा गया फर्जीवाड़ा, एफआईआर दर्ज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Updated Sun, 09 Dec 2018 05:14 PM IST
विज्ञापन
इलाबाद हाईकोर्ट
- फोटो : फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक व्यक्ति अपनी नामराशि के अधिवक्ता का फायदा उठाते हुए वर्षों से उसी के नाम पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में वकालत करता रहा, लेकिन जांच में उसका फर्जीवाड़ा आखिरकार पकड़ा गया। हाईकोर्ट के सहायक रजिस्टार ने फर्जीवाड़े के आरोप में उसके खिलाफ कैंट थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। बताया जा रहा कि आरोपी एक हजार से अधिक मामलों की पैरवी में कोर्ट के सामने पेश हो चुका। रिपोर्ट दर्ज करके पुलिस मामले की विवेचना में जुट गई है।
विज्ञापन
सहायक रजिस्टार विजय कुमार की ओर से कैंट थाने में शनिवार को दर्ज कराई गई एफआईआर में बताया गया कि 29 अगस्त 2018 को 372 सीआरपीसी के तहत राम गोपाल बनाम राज्य नाम से एक केस फाइल हुआ। इस मामले में जितेंद्र कुमार सिंह पुत्र गजराज सिंह चैंबर त्रिभुवन उपाध्याय हॉल, चैंबर संख्या185 निवासी स्टैनली रोड ने अपना वकालतनामा पेश किया। उसमें एडवोकेट रोल नंबर एजे 0184-2012 एवं नामांकन संख्या- 10989-2000 दर्ज की गई। इस मामले की जब बहस शुरू हुई तो उसी दौरान अधिवक्ता जितेंद्र कुमार सिंह पुत्र रामकुमार सिंह चैंबर संख्या-187 ए ने पहुंचकर एडवोकेट रोल नंबर तो अपना बताया लेकिन वकालतनामा पेश करने से इंकार किया। उन्होंने इसमें फर्जीवाड़ा होने का शक जताया।
विज्ञापन
इसे गंभीरता से लेते हुए कोर्ट ने रजिस्टार को पूरे मामले की जांच करने का निर्देश दिया। जांच के बाद जितेंद्र सिंह पुत्र गजराज सिंह का फर्जीवाड़ा पकड़ में आ गया। मालूम चला कि जितेंद्र सिंह अपने नाम के दूसरे अधिवक्ता के एडवोकेट रोल का इस्तेमाल पिछले कई वर्षों से लगातार करता आ रहा है। आरोप है कि इस तरह फर्जीवाड़ा करके वह एक हजार से अधिक मामलों में कोर्ट के सामने पेश हो चुका है। कोर्ट के निर्देश पर दो माह बीतने के पश्चात रजिस्ट्रार ने शनिवार को आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करा दी। इंस्पेक्टर कैंट आरसी रावत के मुताबिक मामले की विवेचना शुरू कराई गई है।
विज्ञापन