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अपनी पार्टी बनाने की तैयारी में नंदी
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 23 Dec 2016 02:02 AM IST
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कांग्रेस
- फोटो : file photo
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कांग्रेस की मंडलीय प्रचार समिति के प्रभारी नंद गोपाल गुप्ता नंदी अब अपनी नई पार्टी बनाने की तैयारी में हैं। इस चर्चा ने तब जोर पकड़ लिया है, जब नंदी ने पार्टी से अलग होकर स्वतंत्र रूप से रैली के आयोजन का निर्णय लिया। रैली का स्वरूप क्या होगा, यह शुक्रवार को नंदी स्पष्ट करेंगे लेकिन यह तय है कि उनकी रैली में किसी पार्टी की भागीदारी नहीं होगी।
मंडल स्तर पर कांग्रेस ने उन्हें प्रचार का प्रभारी बनाया है, ऐसे में पार्टी से अलग हटकर स्वतंत्र रूप से रैली का आयोजन करना इस बात के संकेत हैं कि कांग्रेस एवं नंदी के बीच दूरियां बढ़ने लगी हैं। बदलते राजनीतिक समीकरण इलाहाबाद की सियासत में नया मोड़ ला सकते हैं। इस बीच एक और चर्चा ने जोर पकड़ा है कि नंदी और उनकी पत्नी मेयर अभिलाषा गुप्ता भाजपा से टिकट पाने के प्रयास में हैं। माना जा रहा है कि रैली के जरिये भारी भीड़ जुटाकर वे भाजपा पर दबाव बनाना चाहते हैं। इसी वजह से आठ जनवरी को नंदी ने स्वतंत्र रूप से रैली के आयोजन का निर्णय लिया है। इस दौरान ‘नंदी सेवा संस्थान’ के नाम पर नई पार्टी की घोषणा की जा सकती है।
नंदी के करीबियों में यह चर्चा भी है कि वह हर साल 12 जनवरी को अपना पुनर्जन्म दिवस मनाते हैं। इसी दिन उन पर हमला हुआ था। ऐसे में 12 जनवरी को नंदी अपनी नई पार्टी से सभी 12 विधानसभा क्षेत्रों के लिए प्रत्याशी की घोषणा भी कर सकते हैं। हालांकि नंदी का दावा है कि न तो उन्होंने भाजपा से टिकट मांगा है और न ही अपनी पार्टी बनाने की कोई योजना है। हां यह जरूर है कि आठ जनवरी को इतनी बड़ी रैली का आयोजन करेेंगे, जो भाजपा, कांग्रेस, बसपा, सपा ने इलाहाबाद में कभी नहीं की। उन्होंने यह भी कहा कि इस रैली से कांग्रेस को कोई लेनादेना नहीं।
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मंडल स्तर पर कांग्रेस ने उन्हें प्रचार का प्रभारी बनाया है, ऐसे में पार्टी से अलग हटकर स्वतंत्र रूप से रैली का आयोजन करना इस बात के संकेत हैं कि कांग्रेस एवं नंदी के बीच दूरियां बढ़ने लगी हैं। बदलते राजनीतिक समीकरण इलाहाबाद की सियासत में नया मोड़ ला सकते हैं। इस बीच एक और चर्चा ने जोर पकड़ा है कि नंदी और उनकी पत्नी मेयर अभिलाषा गुप्ता भाजपा से टिकट पाने के प्रयास में हैं। माना जा रहा है कि रैली के जरिये भारी भीड़ जुटाकर वे भाजपा पर दबाव बनाना चाहते हैं। इसी वजह से आठ जनवरी को नंदी ने स्वतंत्र रूप से रैली के आयोजन का निर्णय लिया है। इस दौरान ‘नंदी सेवा संस्थान’ के नाम पर नई पार्टी की घोषणा की जा सकती है।
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नंदी के करीबियों में यह चर्चा भी है कि वह हर साल 12 जनवरी को अपना पुनर्जन्म दिवस मनाते हैं। इसी दिन उन पर हमला हुआ था। ऐसे में 12 जनवरी को नंदी अपनी नई पार्टी से सभी 12 विधानसभा क्षेत्रों के लिए प्रत्याशी की घोषणा भी कर सकते हैं। हालांकि नंदी का दावा है कि न तो उन्होंने भाजपा से टिकट मांगा है और न ही अपनी पार्टी बनाने की कोई योजना है। हां यह जरूर है कि आठ जनवरी को इतनी बड़ी रैली का आयोजन करेेंगे, जो भाजपा, कांग्रेस, बसपा, सपा ने इलाहाबाद में कभी नहीं की। उन्होंने यह भी कहा कि इस रैली से कांग्रेस को कोई लेनादेना नहीं।
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