Mahakumbh : आम दिनों में करीब दो हजार कमाने वाले महरा परिवार ने महाकुंभ में हर रोज कमाए 66 लाख
धार्मिक मेले महाकुंभ में पहली बार नाव चलाने वालों को ऐसी खुशियां मिली हैं, जिसे वो कभी नहीं भुला सकते। अरैल के पिंटू महरा परिवार ने आठ मोटर वोट, 130 नावें संचालित कराकर करोड़ों की कमाई की हैं।
विस्तार
महाकुंभ में महरा परिवार ने 130 नावें संचालित कर 30 करोड़ रुपये मुनाफा कमाया। सीएम योगी ने विधानसभा में जब इसका जिक्र किया तो यह परिवार सुर्खियों में आ गया। बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। इस परिवार ने महाकुंभ के दौरान रोजाना लगभग 66 लाख रुपये कमाए हैं। अरैल निवासी रामसहारे उर्फ बच्चा के तीन बेटों में पिंटू सबसे छोटे हैं। 2018 में रामसहारे की बीमारी से मौत हो गई। पिंटू के बड़े भाई आनंद महरा की बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। पिंटू व उनका भाई अरविंद बालू का कारोबार एवं नाव संचालन करते है।
महाकुंभ में उसके परिवार की ओर से 130 नावें महाकुंभ के दौरान संचालित की गईं। पिंटू की 85 नावें खुद की हैं, इसमें पांच मोटर बोट है। इसके अलावा पिंटू ने करीब 250 नाव किराये पर ली थीं। सैकड़ों नाविकों को 500 से 1000 रुपये मानदेय देकर वह अरैल से संगम घाट तक नावें संचालित कराईं।
प्रतिदिन हुई लाखों की कमाई
पिंटू के मुताबिक, आम दिनों में एक नाव करीब दो हजार रुपये ही कमा पाते हैं। लेकिन महाकुंभ में रोजाना लाखों कमाए। पिंटू का कहना है कि महाकुंभ के दौरान ऐसा लगा कि सनातन युग आ गया है। नाव संचालन से इतनी आमदनी की उम्मीद नहीं थी। अब उनकी वर्तमान आर्थिक स्थिति में परिवर्तन आया है।
नहीं सोचा था कि इतनी कमाई होगी
पिंटू महरा की मां शुकलावती का कहना है कि सीएम योगी ने जितना बताया है उतना तो नहीं, लेकिन अच्छी कमाई हुई हैं। परिवार में 100 से अधिक सदस्य हैं। सभी की अच्छी कमाई हुई है। नाविकों पहली बार इतना पैसा कमाया है। योगी सरकार में उन्हें सम्मान और रोजगार मिला है।
विधानसभा में सीएम योगी ने बताई परिवार की सफलता की कमाई
प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में महरा परिवार की सफलता की कहानी बताई है। उन्होंने कहा कि सपा कहती थी कि नाविकों का शोषण हो रहा है। नाविकों की देखभाल नहीं की जा रही है। मैं एक नाविक परिवार की सक्सेज स्टोरी बता रहा हूं। इस परिवार के पास 130 नौकाएं थीं। 45 दिनों की अवधि में इन लोगों ने 30 करोड़ रुपये की शुद्ध बचत की है। यानी, एक नाव ने 45 दिनों में 23 लाख रुपये की बचत की है। एक नाव की कमाई औसतन 50 से 52 हजार रुपये थी।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.