महामंडलेश्वर कैलाशानंद प्रकरण : बागपत में पुलिस को विक्रम के मिले कई फर्जी दस्तावेज
आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद की हत्या की साजिश के मामले में पकड़े गए संदिग्ध युवक विक्रम उर्फ योगेंद्र शर्मा के बागपत स्थित घर में नैनी पुलिस को कई फर्जी दस्तावेज मिले है।
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आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद की हत्या की साजिश के मामले में पकड़े गए संदिग्ध युवक विक्रम उर्फ योगेंद्र शर्मा के बागपत स्थित घर में नैनी पुलिस को कई फर्जी दस्तावेज मिले है। दो अलग-अलग नामों के आधार कार्ड के साथ हाईस्कूल व इंटर की मार्कशीट, निवास प्रमाण पत्र के साथ कई फर्जी दस्तावेज मिले है। यह दस्तावेज उसने कैसे और कहां बनवाए। इसका कहां-कहां उपयोग किया गया, इसकी पड़ताल करने में पुलिस जुटी है।
बागपत निवासी विक्रम कुमार 23 दिसंबर को नैनी पुल के नीचे बने परी अखाड़े के त्रिकाल भवंता से मिलने आया था। इस दौरान उसने कैलाशनंद व अन्य संतों की हत्या के साथ उन्हें अखाड़े की मान्यता दिलाने की बात कही थी। कैलाशानंद व अन्य संतों की हत्या की साजिश की सूचना पर पुलिस व एसटीएफ ने उससे पूछताछ की थी। रविवार को त्रिकाल भवंता की तहरीर पर पुलिस ने उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।
सोमवार को न्यायालय में पेश करने के बाद पुलिस ने मामले में पूछताछ के लिए सात दिनों की कस्टडी रिमांड मांगी थी। कोर्ट की मंजूरी के बाद नैनी पुलिस मंगलवार को उसे उसके बागपत स्थित घर को निकली थी। बुधवार को पुलिस उसके घर पहुंची तो उसे यहां कई फर्जी दस्तावेज मिले।
सूत्रों का कहना है कि दो अलग-अलग नाम के आधार कार्ड के साथ हाईस्कूल व इंटर की मार्कशीट, निवास प्रमाण पत्र व अन्य दस्तावेज बरामद हुआ है। इंटर की मार्कशीट में एक में वह 2011 का पासआउट है तो दूसरे में 2019 में पासआउट है। पुलिस दस्तावेजों की जांच के साथ ही इसकी भी जांच में जुटी है कि इन्हें कहां बनवाया गया। एसीपी करछना अजीत सिंह चौहान ने बताया कि आरोपी के बागपत स्थित घर में कुछ फर्जी दस्तावेज पुलिस को मिले हैं। जांच की जा रही है।
इंटर पास है विक्रम उर्फ योगेंद्र
आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशनंद व अन्य संतों की हत्या की साजिश करने वाले संदिग्ध विक्रम उर्फ योगेंद्र इंटर पास है। वह इंटर की पढ़ाई पूरी करने के बाद ही मंदिर, आश्रम व मठों में आने जाने लगा था। वह व्यवस्था व कार्यप्रणाली जानने के साथ संतों के रहन-सहन व उनकी लग्जरी लाइफ देखकर काफी प्रभावित था। माघ मेला के साथ अलग-अलग स्थानों में लगने वाले कुंभ, अर्द्धकुंभ में भी वह संतों के शिविरों में जाया करता था। इसी दौरान उसने आश्रम के कुछ लोगों से संपर्क भी बना लिया था। पुलिस उसके संपर्कों की भी जांच पड़ताल कर रही है।