Mahakumbh Stampede: मौनी अमावस्या पर हुई भगदड़ की जांच करने पहुंचे मुख्य सचिव और डीजीपी, घटनास्थल का किया दौरा
Mahakumbh Stampede Investigate: मौनी अमावस्या पर संगम नोज पर हुई भगदड़ की जांच करने के लिए मुख्य सचिव मनोज कुमार और डीजीपी प्रशांत कुमार घटनास्थल पर पहुंचे हैं। उनके साथ बड़ी संख्या में अधिकारी मौजूद है।
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Mahakumbh Stampede Update: मौनी अमावस्या पर संगम नोज पर हुई भगदड़ की जांच करने के लिए मुख्य सचिव मनोज कुमार और डीजीपी प्रशांत कुमार घटनास्थल पर पहुंचे हैं। उनके साथ बड़ी संख्या में अधिकारी मौजूद है। दोनों अधिकारियों ने संगम तट पर पहुंचकर भगदड़ वाले स्थान का जायजा लिया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों से घटना की जानकारी ली।
भगदड़ से 30 की मौत, 60 हुए थे घायल
मौनी अमावस्या पर अनियंत्रित भीड़ के दबाव से बैरिकेडिंग टूट जाने के बाद संगम नोज पर रात्रि एक से दो बजे के बीच भगदड़ मच गई। इसमें दम घुटने से 30 श्रद्धालुओं की मौत हो गई और जबकि 60 लोग घायल हो गए। घायलों को इन्हें मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया। जिसमें 30 श्रद्धालुओं की मौत हो गई।
महाकुंभ स्नान पर्व पर भीड़ का दबाव बढ़ने पर बैरिकेंडिंग टूट गई थी। इसके बाद लोग तेजी से आगे बढ़ने लगे, इस दौरान ब्रह्म मुर्हुत पर स्नान करने के इंतजार में बैठे श्रद्धालुओं के ऊपर से भीड़ का रेला गुजर गया। इसमें 90 घायल श्रद्धालुओं को एंबलुेंस से मेडिकल कालेज ले जाया गया। इसमें 30 की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। मृतकों में गुजरात के एक , कर्नाटका के चार, असम के एक श्रद्धालु शामिल हैं। घायलों में कुछ को लेकर उनके परिजन घर चले गए। अभी 36 घायलों का इलाज मेडिकल कालेज में चल रहा है। स्थिति अब सामान्य है।
घायलों का हाल जानने एसआरएन अस्पताल पहुंचे मुख्य सचिव व डीजीपी
मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह हादसे के दूसरे दिन बृहस्पतिवार को स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय (एसआरएन) घायलों का हाल जानने पहुंचे। इस दौरान उनके साथ डीजीपी प्रशांत कुमार, प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य पार्थ सारथी सेन शर्मा और मेलाधिकारी विजय किरन आनंद मौजूद रहे।
अधिकारियों ने 36 घायलों को मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में जाना। इसके अलावा घायलों के परिजनों का भी हालचाल लिया। मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने प्राचार्य डॉ. वत्सला मिश्रा से कहा कि घायलों के परिजनों के खाने-पीने की व्यवस्था भी की जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि वसंत पंचमी स्नान पर्व के दौरान व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद रखने के लिए कहा। इस दौरान उन्होंने बताया कि सभी मरीजों की स्थिति सामान्य है। उन्होंने कहा कि कुछ मरीजों के हाथ-पैर में फ्रैक्चर है। तीन से चार सप्ताह में ठीक हो जाएगा। वह करीब आधे घंटे तक अस्पताल में रुके।