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Mahakumbh : रूसी युवती बोली-भारतीय धर्म संस्कृति खींच लाई प्रयागराज, गंगा स्नान और परंपराओं से होंगी रूबरू
Fri, 20 Dec 2024 02:01 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 20 Dec 2024 02:01 PM IST
सार
महाकुंभ में संगम तट पर रेनबो इंटरनेशनल (संस्था) की ओर से शिविर लगाया जा रहा है। इसमें भारतीय सहित देश-विदेश से कला-संस्कृति के प्रेमी शिरकत करेंगे। संस्था की सदस्य और रूसी कलाकार अनस्तस्या बृहस्पतिवार को मेला प्राधिकरण के कार्यालय पहुंचीं और शिविर में टाॅयलेट, पानी सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग रखी।
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अनस्तस्या।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
रेनबो इंटरनेशनल की ओर से सेक्टर-15 में लगने वाले शिविर में आवश्यक सुविधाओं के लिए मेला प्राधिकरण कार्यालय पहुंची रूसी युवती अनस्तस्या का कहना है कि भारतीय धर्म-संस्कृति उसे रूस से प्रयागराज खींच लाई। महाकुंभ के दाैरान वह संगम तट पर बने शिविर में रहकर न सिर्फ गंगा स्नान करेंगी बल्कि यहां की संस्कृति और परंपराओं से रूबरू होंगी।
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दरअसल, महाकुंभ में संगम तट पर रेनबो इंटरनेशनल (संस्था) की ओर से शिविर लगाया जा रहा है। इसमें भारतीय सहित देश-विदेश से कला-संस्कृति के प्रेमी शिरकत करेंगे। संस्था की सदस्य और रूसी कलाकार अनस्तस्या बृहस्पतिवार को मेला प्राधिकरण के कार्यालय पहुंचीं और शिविर में टाॅयलेट, पानी सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग रखी।
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अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने बताया कि रेनबो इंटरनेशनल कंम्यूनिटी आफ ट्रैवलर एंड आर्टिस्टों का संगठन है, जिसकी ओर से सेक्टर-15 में शिविर लगाया जा रहा है। इसमें विभिन्न देशों के ट्रैवलर और आर्टिस्ट शामिल हैं। उन्होंने बताया कि वो पहली बार महाकुंभ में शामिल होने के लिए उत्सुक हैं। उनके अलावा रूस से कई अन्य सदस्य भी इसमें हिस्सा लेंगे, जो जनवरी के प्रथम सप्ताह में प्रयागराज पहुंच जाएंगे।
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