Mahakumbh : अवैध टेंट सिटी में आग की 24 घंटे बाद भी नहीं शुरू हो सकी जांच, पुलिस को शिकायत मिलने का इंतजार
महाकुंभ से सटे छतनाग गांव के किनारे अवैध रूप से बनी टेंट सिटी ''''जस्ट ए शिविर'''' की 15 लग्जरी कॉटेज राख हो जाने की 24 घंटे बाद भी जांच शुरू नहीं हो सकी है। यह टेंट सिटी ढाई महीने से बनाई जा रही थी।
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महाकुंभ से सटे छतनाग गांव के किनारे अवैध रूप से बनी टेंट सिटी ''''जस्ट ए शिविर'''' की 15 लग्जरी कॉटेज राख हो जाने की 24 घंटे बाद भी जांच शुरू नहीं हो सकी है। यह टेंट सिटी ढाई महीने से बनाई जा रही थी, लेकिन सीएम योगी के सख्त निर्देशों के बावजूद अधिकारी चुप्पी साधे रहे। हैरतअंगेज यह भी कि अवैध होने की पोल खुलने के बाद भी मेला और फूलपुर एसडीएम कार्रवाई से पल्ला झाड़ रहे हैं।
बृहस्पतिवार को आग लगने की घटना के बावजूद जस्ट ए शिविर नाम वाली इस टेंट सिटी में देसी-विदेशी 130 लोग ठहरे हुए हैं। इसकी पुष्टि शिविर के लिए कॉटेज बुक करने वाले एग्जीक्यूटिव राधेश्याम ने की। उन्होंने कंपनी की देशभर में 25 संपत्तियां होने की तो जानकारी दी, लेकिन इस टेंट सिटी के लिए प्रशासन या मेला प्रशासन से अनुमति को लेकर कुछ स्पष्ट नहीं कर सके।
मेला के सेक्टर-22 से कुछ दूर कछार पर बसी इस टेंट सिटी को लेकर छतनाग के लोग बताते हैं कि नवंबर-2024 से ही यहां ट्रैक्टर लगाकर काम शुरू कराया गया था। करीब 20 बीघा जमीन समतल कराई गई। करीब दो महीने टेंट सिटी बसाने में लगे। यह कॉटेज विदेशी, एनआरआई और सुविधाओं की चाह रखने वालों को ध्यान में रखकर बनाई गई हैं।
गीजर से लेकर अन्य सभी जरूरी सुख-सुविधाएं हैं। वेबसाइट के जरिये मोबाइल फोन और मेल से इनकी बुकिंग की जा रही है। कच्चे रास्तों वाले इस वीराने में भी प्रति कॉटेज में ठहरने की कीमत 25 से 35 हजार तक है। श्रद्धालुओं को यहां से संगम तक लाने-ले जाने के लिए एक दर्जन गाड़ियां भी रखी गई हैं।
टेंट सिटी के मुख्य द्वार पर श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा और श्री मूंछ वाले हनुमान मंदिर आश्रम, चौकाघाट, वाराणसी का नाम दर्ज है। गेट पर दाहिनी ओर जूना अखाड़े की महामंडलेश्वर साध्वी मुक्तेश्वरी गिरि और बायीं ओर अखाड़े के सभापति महंत प्रेम गिरि व श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर स्वामी अविमुक्तानंद गिरि की परिचय के साथ तस्वीरें लगी हैं।
टेंट सिटी की वेबसाइट पर भी इन संतों के साथ देसी-विदेशी श्रद्धालुओं के सत्संग और स्नान आदि की तस्वीरें हैं। बृहस्पतिवार को यहां 15 कॉटेज जल जाने की घटना के बाद झूंसी पुलिस ने बताया कि यह टेंट सिटी अवैध है। इसे बसाने की किसी ने अनुमति नहीं दी।
मेले से छह किमी दूर है टेंट सिटीः सेक्टर मजिस्ट्रेट
छतनाग गांव मेला का ही हिस्सा है। लेकिन, मेला के सेक्टर-22 के मजिस्ट्रेट पीनाक मणि द्विवेदी का दावा है कि अवैध रूप से बनाई गई टेंट सिटी का मेला प्रशासन से कोई लेना-देना नहीं है। यह सेक्टर-22 से छह किलोमीटर दूर है। इसका प्रशासन फूलपुर तहसील के पास है। फूलपुर एसडीएम दिग्विजय सिंह कहते हैं कि टेंट सिटी का दायित्व तो मेला प्रशासन का है। यह कैसे बस गई, जांच का विषय है। अभी तक जांच क्यों नहीं शुरू कराई, इस सवाल पर वह चुप हो गए। वहीं, एसओ झूंसी उपेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि अवैध टेंट सिटी को लेकर कोई तहरीर नहीं मिली है।