Mahakumbh : महाकुंभ ने भर दी नाई समाज की झोली, अधूरे सपने अब होंगे पूरे
महाकुंभ में नाई समाज के 3460 परिवारों की जिंदगी बदल दी। नाई समाज के लोगों को किसी न किसी रूप में कुछ न कुछ मिला है, जिससे उनकी जिंदगी अब बेहतर हो रही है। हजारों परिवार सशक्त हुए हैं।
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महाकुंभ में नाई समाज के 3460 परिवारों की जिंदगी बदल दी। नाई समाज के लोगों को किसी न किसी रूप में कुछ न कुछ मिला है, जिससे उनकी जिंदगी अब बेहतर हो रही है। हजारों परिवार सशक्त हुए हैं। प्रांतीय नाई ठाकुर सुधारक सभा के उपाध्यक्ष राम कुमार शर्मा बताते हैं कि संगम के इन घाटों से 3460 नाई समाज के परिवारों की जीविका जुड़ी हुई है। नाई समाज के लिए अलग से सेक्टर 3 में नाई बाड़ा बनवाया गया था, जिसमें पूरे दिन समाज के लोगों को काम मिला। इसके अलावा अखाड़ों ने जो 5000 से अधिक नए नागा संन्यासियों को दीक्षा दी, उनके मुंडन संस्कार के लिए नाई समाज को काम मिला।
इससे उन्हें सबसे अधिक आमदनी हुई। इसी सभा के अध्यक्ष राम भवन शर्मा का कहना है कि मेले में अधिक भीड़ और ट्रैफिक की कुछ अड़चन आई, लेकिन नाई समाज बहुत खुश है। सामान्य दिनों की तुलना में मेले में तीन गुना कमाई हमारे समाज ने की है। जिससे समाज की जिंदगी बदल गई । महाकुंभ के पहले आम दिनों में उन्हें संगम किनारे मुंडन संस्कार से 400 से 500 रुपए रोज मिल जाते थे, लेकिन महाकुंभ के दौरान ऐसा कोई दिन नहीं गया, जब वह यहां से डेढ़ से दो हजार रुपये कमा कर न गए हों।
इस पैसे से अब उनके घर में अधूरे पड़े काम पूरे हो सकेंगे। संगम के किला घाट के पास मुंडन संस्कार करने वाले नाई राम पाल शर्मा का कहना है कि महाकुंभ ने उन्हें इतना पैसा दिया है, जितना वह कभी सोच भी नहीं सकते थे।