फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Mahakumbh: Celibacy initiation ceremony started in Mahakumbh, celibates will go to the society and propagate

Mahakumbh : महाकुंभ में शुरू हुआ ब्रह्मचर्य दीक्षा समारोह, समाज में जाकर धर्म का प्रचार करेंगे ब्रह्मचारी

Wed, 15 Jan 2025 09:16 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 15 Jan 2025 09:16 PM IST
सार

श्री शंभू पंच अग्नि अखाड़ा के महामंडलेश्वर संपूर्णानंद महाराज ने बताया कि इस अखाड़े में लाखों ब्रह्मचारी हैं। जो यहां ब्रह्मचारी की दीक्षा लेने के लिए आयेगा, वह पहले अखाड़े की और सनातन धर्म की परंपराओं को समझेगा। जब अखाड़े के पंचों को लगता है कि वह ब्रह्मचारी बनने के लिए परिपक्व है तो उसे ब्रह्मचारी के रूप में दीक्षित किया जाता है। 

विज्ञापन
Mahakumbh: Celibacy initiation ceremony started in Mahakumbh, celibates will go to the society and propagate
श्री शंभु पंच अग्नि अखाड़े में ब्रह्मचर्य की दीक्षा देते आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी संपूर्णानंद ब्रह - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

महाकुंभ प्रयागराज में लगे मेला परिसर में स्थित ब्रह्मचारियों के अखाड़े श्री शंभू पंच अग्नि अखाड़ा में बुधवार को दीक्षा समारोह शुरू हो गया। मकर संक्रांति के अगले दिन अखाड़े में ब्रह्मचारियों के दीक्षा की प्रक्रिया शुरू की गई है। आदि गुरु शंकराचार्य की परंपरा से चतुर्नाम के ब्रह्मचारी इस अखाड़े में रहते हैं। प्रकाश, स्वरूप, चैतन्य और आनंद, जो एक-एक शंकराचार्य का प्रतिनिधित्व इस अखाड़े में करते हैं। चारों वेदों का अखाड़े में अध्ययन किया जाता है, जिससे वे समाज में जाएं और धर्म का प्रचार प्रसार करें। 

विज्ञापन


श्री शंभू पंच अग्नि अखाड़ा के महामंडलेश्वर संपूर्णानंद महाराज ने बताया कि इस अखाड़े में लाखों ब्रह्मचारी हैं। जो यहां ब्रह्मचारी की दीक्षा लेने के लिए आयेगा, वह पहले अखाड़े की और सनातन धर्म की परंपराओं को समझेगा। जब अखाड़े के पंचों को लगता है कि वह ब्रह्मचारी बनने के लिए परिपक्व है तो उसे ब्रह्मचारी के रूप में दीक्षित किया जाता है। 
विज्ञापन


संपूर्णानंद महाराज के अनुसार ब्रह्मचारी वह है जो धर्म का पालन करता है। जो सनातन धर्म की व्याख्या और प्रचार करेगा, उसे ब्रह्मचारी बनाएंगे। जो गृहस्थ से दूर हैं, वे यहां आते हैं। यहां बहुत सारे ब्रह्मचारी दीक्षित हुए और उन्होंने सामाजिक उपाधियां प्राप्त की। ब्रह्मचारियों को सभापति, महामंत्री, सचिव, श्रीमहंत, महंत, थानापति, कोतवाल, पुजारी पदों पर योग्यता के अनुसार नियुक्त किया जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed