महाकुंभ-2025 : महाकुंभ की पांच सौ करोड़ की परियोजनाओं के औचित्य पर होगा मंथन
महाकुंभ-2025 के लिए प्रस्तावित पांच सौ करोड़ रुपये की सौ से अधिक परियोजनाओं के औचित्य पर मंगलवार को मंथन किया गया। इसमें जल निगम, पीडब्ल्यूडी, मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, पर्यटन के अलावा यूपीपीसीएल की परियोजनाएं शामिल हैं।
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महाकुंभ-2025 के लिए प्रस्तावित पांच सौ करोड़ रुपये की सौ से अधिक परियोजनाओं के औचित्य पर मंगलवार को मंथन किया गया। इसमें जल निगम, पीडब्ल्यूडी, मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, पर्यटन के अलावा यूपीपीसीएल की परियोजनाएं शामिल हैं। अगले सप्ताह लखनऊ में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में होने वाली शीर्ष कमेटी की बैठक में इन परियोजनाओं का अनुमोदन होना है।
मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की की मौजूदगी में कुंभ मेलाधिकारी विजय किरन आनंद ने विभाग वार प्रस्तावों की समीक्षा की। मेला प्राधिकरण कार्यालय स्थित आईसीसीसी सभागार में हुई बैठक में पांच सौ करोड़ तक की सौ से अधिक प्रस्तावित परियोजनाओं पर चर्चा की गई। इनमें उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन की 18 परियोजनाएं शामिल हैं।
इनके अलावा लोक निर्माण विभाग की 36, मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज की 11, उत्तर प्रदेश जल निगम की पांच और पर्यटन विभाग की दो परियोजनाओं के औचित्य पर विभागाध्यक्षों से जानकारी ली गई। पर्यटन विभाग की प्रस्तावित परियोजनाओं में होटल इलावर्त और होटल त्रिवेणी दर्शन के जीर्णोद्धार का कार्य होना है।
इसी क्रम में जल निगम की ओर से प्रस्तावित परियोजनाओं के तहत मेला क्षेत्र में 15 नए नलकूपों के निर्माण के साथ ही 15 नलकूपों के रीबोर के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। इसके अलावा नमामि गंगे के अंतर्गत निर्माणाधीन 16 एमएलडी शास्त्रीय ब्रिज एसपीएस से पाइपलाइन बिछाने का कार्य शामिल है। अफसरों ने बताया कि अभी तक शीर्ष समिति की पहली और दूसरी बैठक में करीब 2100 करोड़ से अधिक की 87 परियोजनाओं का अनुमोदन हो चुका है।