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Mahakumbh: अखाड़ों के बदलते स्वरूप पर अध्ययन हो रहा अध्यन, इन विवि के विशेषज्ञ भी टीम में शामिल
Wed, 29 Jan 2025 01:45 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 29 Jan 2025 01:45 PM IST
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Mahakumbh 2025
- फोटो : PTI
गोविंद वल्लभ पंत सामाजिक विज्ञान संस्थान ‘अखाड़ों के बदलते स्वरूप’ पर अध्ययन कर रहा है। इसके लिए परियोजना शहरी विकास विभाग उत्तर प्रदेश ने ग्रांट प्रदान किया है। पंत संस्थान के निदेशक प्रो.बद्री नारायण और एसोसिएट प्रोफेसर डॉ.अर्चना सिंह प्रोजेक्ट की समन्वयक हैं।
खास बात यह है कि इस अध्ययन में चार विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञ शामिल हैं। एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अर्चना सिंह ने बताया कि अध्ययन से यह जानने का प्रयास किया जाएगा कि महाकुंभ मेले में अखाड़ों के प्रति विदेशियों का आकर्षण क्यों बढ़ा है।
यह भी देखा जाएगा कि अखाड़ों ने सामाजिक एकीकरण, लैंगिक समानता, विशेषकर महिलाओं की बढ़ती भागीदारी जैसी समकालीन जरूरतों को कैसे अपनाया है। उन्होंने बताया कि महाकुंभ के अवसर पर आदि गुरु शंकराचार्य ने अखाड़ों के रूप में साधु-संन्यासियों को एक संगठनात्मक ढांचा दिया।
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इस अध्ययन का उद्देश्य यह है कि कैसे अखाड़े पारंपरिक आध्यात्मिक प्रथाओं को संरक्षित करते हुए और आधुनिकता से जुड़ते हुए विकसित हो रहे हैं। अलग-अलग अखाड़ों का दस्तावेजीकरण करने के लिए जेएनयू, बीएचयू, वर्धा और इलाहाबाद विश्वविद्यालय के 10 शिक्षाविदों की टीम अध्ययन कर रही है।
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खास बात यह है कि इस अध्ययन में चार विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञ शामिल हैं। एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अर्चना सिंह ने बताया कि अध्ययन से यह जानने का प्रयास किया जाएगा कि महाकुंभ मेले में अखाड़ों के प्रति विदेशियों का आकर्षण क्यों बढ़ा है।
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यह भी देखा जाएगा कि अखाड़ों ने सामाजिक एकीकरण, लैंगिक समानता, विशेषकर महिलाओं की बढ़ती भागीदारी जैसी समकालीन जरूरतों को कैसे अपनाया है। उन्होंने बताया कि महाकुंभ के अवसर पर आदि गुरु शंकराचार्य ने अखाड़ों के रूप में साधु-संन्यासियों को एक संगठनात्मक ढांचा दिया।
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इस अध्ययन का उद्देश्य यह है कि कैसे अखाड़े पारंपरिक आध्यात्मिक प्रथाओं को संरक्षित करते हुए और आधुनिकता से जुड़ते हुए विकसित हो रहे हैं। अलग-अलग अखाड़ों का दस्तावेजीकरण करने के लिए जेएनयू, बीएचयू, वर्धा और इलाहाबाद विश्वविद्यालय के 10 शिक्षाविदों की टीम अध्ययन कर रही है।