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महाअष्टमी: मंदिरों में सजी मां दुर्गा के आठवें स्वरूप महागौरी की झांकियां
Sat, 09 Apr 2022 11:58 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 09 Apr 2022 11:58 PM IST
सार
रंग-बिरंगे फूलों और ध्वजा-पताकाओं से सजे महाशक्ति पीठ मां कल्याणी देवी के मंदिर में शनिवार को पांच बजे भोर में मां कल्याणी देवी की मंगला आरती हुई। मंगला आरती के बाद सुबह पांच बजे मां के कपाट खुलने के साथ ही दर्शन आरंभ हो गया।
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Prayagraj News : अलोपशंकरी शक्तिपीठ।
- फोटो : प्रयागराज
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विस्तार
वासंतिक नवरात्र की महा अष्टमी पर शनिवार को साधकों और उपासकों ने शांति और कल्याण की कामना से मां दुर्गा की सविधि आराधना की। नारियल-चुनरी अर्पित करने के लिए मंदिरों में भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। इस दौरान देवी मंदिरों से लेकर घरों तक इस दिन विविध अनुष्ठान किए गए। इस दिन देवी मंदिरों में मां दुर्गा के आठवें स्वरूप में महागौरी की झांकियां सजाई गई। मां चंद्रघंटा के दर्शन के लिए देवी दरबारों में देर रात तक तांता लगा रहा। इस दौरान जयकारे गूंजते रहे।
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रंग-बिरंगे फूलों और ध्वजा-पताकाओं से सजे महाशक्ति पीठ मां कल्याणी देवी के मंदिर में शनिवार को पांच बजे भोर में मां कल्याणी देवी की मंगला आरती हुई। मंगला आरती के बाद सुबह पांच बजे मां के कपाट खुलने के साथ ही दर्शन आरंभ हो गया। महाशक्ति पीठ मां कल्याणी देवी का अष्टमी को महागौरी के स्वरूप में मनोहारी शृंगार किया गया। झांकी में हाथ में कमल पुष्प धारण कर उलूक पर आरुढ़ होकर मां दर्शन दे रही थीं।
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Prayagraj News : कन्यापूजन करतीं महिलाएं।
- फोटो : प्रयागराज
सुगंधित पुष्प से किया गया मां का श्रृंगार
रत्नजड़ित अभूषणों से चुन-चुन कर मां का शृंगार किया गया। मां का गर्भगृह बेला, गुलाब एवं गेंदा के फूलों से सजाया गया। दिन के 10 बजे तक मां के दर्शन के लिए लंबी कतारें लग गईं। शनिवार का दिन होने के कारण दिन भर मंदिर परिसर में बच्चों के मुंडन, कर्ण छेदन संस्कारों की धूम मची रही। मंदिर समिति के अध्यक्ष पं. सुशील पाठक के मुताबिक रविवार को नवमी तिथि पर मां कल्याणी देवी का शृंगार सिद्धिदात्री माता के स्वरूप में किया जाएगा।
इसी तरह शक्तिपीठ मां ललिता देवी का भी महागौरी स्वरूप में रंग-बिरंगे फूलों और आभूषणों से शृंगार किया गया। प्रधान पुजारी पं. शिव मूरत मिश्र ने मां भगवती को पंचोपचार विधि से पूजन किया। इसके बाद अभिषेक कर आरती उतारी गई। मंगला आरती के बाद पट खोल दिए गए। इसी के साथ मां के दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी।
मंदिर परिसर में दिन भर दुर्गा सप्तशती के पाठ, शतचंडी यज्ञ के अलावा तरह-तरह के अनुष्ठानों का सिलसिला चलता रहा। मंदिर समिति के अध्यक्ष हरिमोहन वर्मा, महामंत्री धीरज नागर सुमित श्रीवास्तव के अलावा अन्य पदाधिकारियों ने सहज दर्शन की व्यवस्था संभाली। उधर, अलोपी देवी स्थित मां अलोपशंकरी देवी मंदिर में भी महाअष्टमी पर मां की पालकी के दर्शन के लिए दिन भर भीड़ लगी रही।
रत्नजड़ित अभूषणों से चुन-चुन कर मां का शृंगार किया गया। मां का गर्भगृह बेला, गुलाब एवं गेंदा के फूलों से सजाया गया। दिन के 10 बजे तक मां के दर्शन के लिए लंबी कतारें लग गईं। शनिवार का दिन होने के कारण दिन भर मंदिर परिसर में बच्चों के मुंडन, कर्ण छेदन संस्कारों की धूम मची रही। मंदिर समिति के अध्यक्ष पं. सुशील पाठक के मुताबिक रविवार को नवमी तिथि पर मां कल्याणी देवी का शृंगार सिद्धिदात्री माता के स्वरूप में किया जाएगा।
इसी तरह शक्तिपीठ मां ललिता देवी का भी महागौरी स्वरूप में रंग-बिरंगे फूलों और आभूषणों से शृंगार किया गया। प्रधान पुजारी पं. शिव मूरत मिश्र ने मां भगवती को पंचोपचार विधि से पूजन किया। इसके बाद अभिषेक कर आरती उतारी गई। मंगला आरती के बाद पट खोल दिए गए। इसी के साथ मां के दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी।
मंदिर परिसर में दिन भर दुर्गा सप्तशती के पाठ, शतचंडी यज्ञ के अलावा तरह-तरह के अनुष्ठानों का सिलसिला चलता रहा। मंदिर समिति के अध्यक्ष हरिमोहन वर्मा, महामंत्री धीरज नागर सुमित श्रीवास्तव के अलावा अन्य पदाधिकारियों ने सहज दर्शन की व्यवस्था संभाली। उधर, अलोपी देवी स्थित मां अलोपशंकरी देवी मंदिर में भी महाअष्टमी पर मां की पालकी के दर्शन के लिए दिन भर भीड़ लगी रही।