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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Maha Kumbh will be held in 25 sectors on the sands of Sangam between Arail and Phaphamau, layout ready.

प्रयागराज : अरैल से फाफामऊ के बीच संगम की रेती पर 25 सेक्टर में बसेगा महाकुंभ, ले आउट तैयार

Sat, 30 Sep 2023 08:49 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 30 Sep 2023 08:49 AM IST
सार

मेला प्राधिकरण कार्यालय के आई ट्रिपल सी सभागार में देर शाम शुरू हुई इस बैठक में कुंभ मेलाधिकारी विजय किरन आनंद ने लेआउट प्लान प्रस्तुत किया। इसमें पांटून पुलों की वृद्धि का प्रस्ताव रखा गया। बताया गया कि कुंभ-2019 की बसावट 3200 हेक्टेयर क्षेत्रफल में की गई थी। तब गंगा पर 22 पांटून पुलों का निर्माण कराया गया था।

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Maha Kumbh will be held in 25 sectors on the sands of Sangam between Arail and Phaphamau, layout ready.
Magh Mela : माघ मेले का दृश्य। file - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

संगम की रेती पर अरैल से फाफामऊ के बीच 25 सेक्टर में महाकुंभ बसाया जाएगा। पहली बार परेड में 10 हजार श्रद्धालुओं की क्षमता वाला गंगा पंडाल बनाया जाएगा। इसमें संतों-भक्तों के ठहरने की सुविधा होगी। महाकुंभ की बसावट के लिए जरूरी अस्थायी कार्यों के प्रस्तावों को शुक्रवार को प्रयागराज मेला प्राधिकरण की 15वीं बोर्ड की बैठक में पारित किया गया। इन प्रस्तावों को अब मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली शीर्ष समिति के समक्ष अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया जाएगा।

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मेला प्राधिकरण कार्यालय के आई ट्रिपल सी सभागार में देर शाम शुरू हुई इस बैठक में कुंभ मेलाधिकारी विजय किरन आनंद ने लेआउट प्लान प्रस्तुत किया। इसमें पांटून पुलों की वृद्धि का प्रस्ताव रखा गया। बताया गया कि कुंभ-2019 की बसावट 3200 हेक्टेयर क्षेत्रफल में की गई थी। तब गंगा पर 22 पांटून पुलों का निर्माण कराया गया था।

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इस बार 40 करोड़ श्रद्धालुओं की भीड़ के अनुमान को देखते हुए महाकुंभ-2025 को 4000 हेक्टेयर क्षेत्रफल में बसाने का प्रस्ताव किया गया है। यह रकबा पिछले मेले की तुलना में 800 हेक्टेयर अधिक है। महाकुंभ के लेआउट प्लान के अनुसार इस बार आठ अतिरिक्त पांटून पुल बनाए जाएंगे। पिछली बार 22 पांटून पुल बने थे, जबकि इस बार 30 पांटून पुलों का निर्माण होगा।

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इसी तरह टेंटेज का प्रस्ताव भी सैद्धांतिक सहमति के लिए बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इसके तहत 25,000 श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए 10 हजार बेड का गंगा पंडाल बनाने का प्रस्ताव रखा गया। सैनिटेशन प्लान के तहत महाकुंभ को 25 सेक्टरों में विभाजित करने की योजना बनाई गई है।

1.45 लाख शौचालय बनेंगे, 10 हजार सफाई कर्मी होंगे तैनात
 

महाकुंभ को स्वच्छता के मॉडल के रूप में दुनिया के सामने प्रस्तुत करने की तैयारी है। इसके लिए करीब 1.45 लाख शौचालय बनाए जाएंगे। इसके साथ ही 10 हजार सफाई कर्मी भी लगाए जाएंगे। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए 25 हजार डस्टबिन, 800 सफाई गैंग और आईसीटी बेस्ड मॉनिटरिंग सिस्टम भी प्रस्तावित किया गया है। इन सभी प्रस्तावों को मेला प्राधिकरण की ओर से स्वीकृति दे दी गई है।

 

हरित महाकुंभ की परिकल्पना साकार करने के लिए लगेंगे 1.50 लाख पेड़


हरित महाकुंभ की परिकल्पना को साकार करने के लिए 1.50 लाख पेड़ लगाने का भी प्रस्ताव रखा गया है। ताकि हरियाली संजोई जा सके और पर्यावरणीय सुरक्षा का भी महाकुंभ के जरिये संदेश दिया जा सके।

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