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MahaKumbh: कायम की गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल, वसंत पंचमी पर भी मुस्लिमों ने की ये तैयारी; खुले रहेंगे दरवाजे
Sun, 02 Feb 2025 08:53 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 02 Feb 2025 08:53 AM IST
सार
वसंत पंचमी पर भी मुस्लिम समाज श्रद्धालुओं की आवभगत करेगा। मौनी अमावस्या पर भी मुस्लिम समुदाय ने अपने घरों के दरवाजे श्रद्धालुओं के लिए खोले थे। अब वसंत पंचमी पर श्रद्धालुओं के लिए मस्जिदों, इमामबाड़ों के दरवाजे खुले रहेंगे।
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MahaKumbh
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
महाकुंभ के सबसे बड़े स्नान पर्व मौनी अमावस्या के मौके पर शहर में गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल देखने को मिली थी। रेलवे स्टेशन जाने वाले रास्ते जब बंद हो गए तो पुराने शहर के मुस्लिम समुदाय ने श्रद्धालुओं के लिए अपने घरों के दरवाजे खोल दिए।
इस दौरान चौक स्थित जामा मस्जिद भी दर्जनों लोगों की पनाहगार बनी। मुस्लिम बहुल इलाके में रात भर लंगर चला। दूसरी ओर ठंड से बचाने के लिए कंबल भी बांटे गए। अमावस्या पर भीड़ को देखते हुए अब मुस्लिम समुदाय के लोगों ने वसंत पंचमी पर भी तैयारी शुरू कर दी है।
मौनी अमावस्या पर हजारों श्रद्धालु तीन दिन तक चौक स्थित यादगारे हुसैनी इंटर कॉलेज में रुके थे। यहां मुस्लिम समुदाय के लोगों ने श्रद्धालुओं की सेवा और मदद कर भाईचारे का संदेश दिया था। स्कूल परिसर में अब वसंत पंचमी पर भी श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्था की जा रही है।
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कॉलेज के प्रबंधक गौहर काजमी ने बताया कि रहने और खाने की व्यवस्था विद्यालय परिसर में ही रहेगी। बेकरी कारोबारी राशिद सगीर ने मौनी अमावस्या में आई भीड़ को देखते हुए श्रद्धालुओं के रुकने के लिए शहरारा बाग मस्जिद खुलवाई थी। तब उन्होंने चादर व कंबल बांटे थे।
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इस दौरान चौक स्थित जामा मस्जिद भी दर्जनों लोगों की पनाहगार बनी। मुस्लिम बहुल इलाके में रात भर लंगर चला। दूसरी ओर ठंड से बचाने के लिए कंबल भी बांटे गए। अमावस्या पर भीड़ को देखते हुए अब मुस्लिम समुदाय के लोगों ने वसंत पंचमी पर भी तैयारी शुरू कर दी है।
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मौनी अमावस्या पर हजारों श्रद्धालु तीन दिन तक चौक स्थित यादगारे हुसैनी इंटर कॉलेज में रुके थे। यहां मुस्लिम समुदाय के लोगों ने श्रद्धालुओं की सेवा और मदद कर भाईचारे का संदेश दिया था। स्कूल परिसर में अब वसंत पंचमी पर भी श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्था की जा रही है।
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कॉलेज के प्रबंधक गौहर काजमी ने बताया कि रहने और खाने की व्यवस्था विद्यालय परिसर में ही रहेगी। बेकरी कारोबारी राशिद सगीर ने मौनी अमावस्या में आई भीड़ को देखते हुए श्रद्धालुओं के रुकने के लिए शहरारा बाग मस्जिद खुलवाई थी। तब उन्होंने चादर व कंबल बांटे थे।
महिलाओं के रुकने के लिए उन्होंने अपना रेस्टोरेंट खोल दिया था। राशिद ने बताया कि वसंत पंचमी के लिए भी पूरी तैयारी है। वहीं, चौक में ही हसीब अहमद ने श्रद्धालुओं के लिए लंगर बांटा था। कहा कि वसंत पंचमी पर श्रद्धालुओं के रुकने की व्यवस्था की जाएगी। युवा नेता अदील हमजा ने भी पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं को अपने वाहन उपलब्ध कराए थे।
अदील का कहना है कि मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना, हिंदी हैं हम वतन है, हिंदोस्तां हमारा। इस निशुल्क सेवा में जैद, अरीब, अजय त्रिपाठी, सुहेल, आहद, आजम ने भी योगदान दिया था।
वहीं, मंसूर उस्मानी, आफताब अहमद और आफशा शफीक की ओर से डफरिन अस्पताल के पास भंडारा और मुमताज महल में श्रद्धालुओं की रुकने की व्यवस्था अमावस्या पर की गई थी। उनका कहना है कि वसंत पंचमी के लिए भी हम तैयार हैं। मुख्यमंत्री से सम्मानित बहादुरगंज की दिव्यांग नसीमा बेगम ने कहा कि वह श्रद्धालुओं को नि:शुल्क चाय-नाश्ता उपलब्ध करवाएंगी।
मौनी अमावस्या पर कारोबारी ने बांटा था दो ट्रक बोतल बंद पानी
पटाखा कारोबारी मोहम्मद कादिर और उनके संगठन से जुड़े सदस्यों ने मौनी अमावस्या पर महाप्रसाद का वितरण किया था। इस दौरान दो ट्रक बोतल बंद पानी भी श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराया गया था। वह वसंत पंचमी पर भी श्रद्धालुओं के लिए एक दिन का भंडारा करेंगे।
पटाखा कारोबारी मोहम्मद कादिर और उनके संगठन से जुड़े सदस्यों ने मौनी अमावस्या पर महाप्रसाद का वितरण किया था। इस दौरान दो ट्रक बोतल बंद पानी भी श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराया गया था। वह वसंत पंचमी पर भी श्रद्धालुओं के लिए एक दिन का भंडारा करेंगे।