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आठ नहीं पांच सेक्टर में बसेगा माघ मेला
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Magh Mela will be held in not eight but five sectors
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प्रयागराज। माघ मेला क्षेत्र आठ के बजाय पांच सेक्टर में ही बसेगा। बजट की कमी को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। अभी तक विभागवार बजट भी आवंटित नहीं हुआ है। नगर विकास मंत्री तथा विभागीय अफसरों के साथ डीएम की बृहस्पतिवार या शुक्रवार को बैठक संभावित है। उसमें मेला क्षेत्र तथा बजट पर अंतिम मुहर लगेगी।
माघ मेला को मिनी कुंभ की तर्ज पर विकसित करने का निर्णय लिया गया है। इसी क्रम में सुविधाएं बढ़ाने के अलावा मेला क्षेत्र के विस्तार का भी निर्णय लिया गया। इसके तहत आठ सेक्टर में मेला बसाने की योजना बनाई गई। जबकि, पूर्व में पांच सेक्टर में ही मेला बसता रहा है लेकिन मेला क्षेत्र में विस्तार तथा नई सुविधाएं जोड़े जाने के बाद बजट भी तीन गुना बढ़ गया। अलग-अलग विभागों की ओर से 158 करोड़ रुपये के प्रस्ताव तैयार किए गए थे। जबकि, 2018 में 58 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। गौर करने वाली बात यह है कि 2018 के माघ मेला को भी कुंभ की तैयारियों के तौर पर लिया गया था।
इसी क्रम में संगम तट को मॉडल सेक्टर के रूप में विकसित किया गया था। ऐसे में तीन गुना बजट पर आपत्ति उठने के बाद इसमें कटौती की कवायद शुरू की गई। अलग-अलग विभागों की ओर से संशोधित प्रस्ताव भी भेज दिए गए हैं लेकिन बजट में बहुत कटौती नहीं हो पाई। सुरक्षा तथा सफाई, शौचालय पर अधिक खर्च खर्च होने की बात कही जा रही है। ऐसे में पांच सेक्टर में मेला बसाने का निर्णय लिया गया है। सिटी मजिस्ट्रेट रजनीश मिश्र का कहना है कि बजट पर शासन में बैठक होनी है। वहां से बजट स्वीकृत होने के बाद काम शुरू कर दिया जाएगा।
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हालांकि, इस गतिरोध के बीच माघ मेला की तैयारियां जोरों पर है। 23 सितंबर को टेंट के लिए टेंडर खुलेगा। इसके अगले दिन सेनिटेशन के कार्यों के लिए टेंडर खोले जाएंगे।
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माघ मेला को मिनी कुंभ की तर्ज पर विकसित करने का निर्णय लिया गया है। इसी क्रम में सुविधाएं बढ़ाने के अलावा मेला क्षेत्र के विस्तार का भी निर्णय लिया गया। इसके तहत आठ सेक्टर में मेला बसाने की योजना बनाई गई। जबकि, पूर्व में पांच सेक्टर में ही मेला बसता रहा है लेकिन मेला क्षेत्र में विस्तार तथा नई सुविधाएं जोड़े जाने के बाद बजट भी तीन गुना बढ़ गया। अलग-अलग विभागों की ओर से 158 करोड़ रुपये के प्रस्ताव तैयार किए गए थे। जबकि, 2018 में 58 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। गौर करने वाली बात यह है कि 2018 के माघ मेला को भी कुंभ की तैयारियों के तौर पर लिया गया था।
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इसी क्रम में संगम तट को मॉडल सेक्टर के रूप में विकसित किया गया था। ऐसे में तीन गुना बजट पर आपत्ति उठने के बाद इसमें कटौती की कवायद शुरू की गई। अलग-अलग विभागों की ओर से संशोधित प्रस्ताव भी भेज दिए गए हैं लेकिन बजट में बहुत कटौती नहीं हो पाई। सुरक्षा तथा सफाई, शौचालय पर अधिक खर्च खर्च होने की बात कही जा रही है। ऐसे में पांच सेक्टर में मेला बसाने का निर्णय लिया गया है। सिटी मजिस्ट्रेट रजनीश मिश्र का कहना है कि बजट पर शासन में बैठक होनी है। वहां से बजट स्वीकृत होने के बाद काम शुरू कर दिया जाएगा।
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हालांकि, इस गतिरोध के बीच माघ मेला की तैयारियां जोरों पर है। 23 सितंबर को टेंट के लिए टेंडर खुलेगा। इसके अगले दिन सेनिटेशन के कार्यों के लिए टेंडर खोले जाएंगे।