{"_id":"58714b854f1c1b005215cd11","slug":"magh-mela-water","type":"story","status":"publish","title_hn":"पहले स्नान पर्व पर लबालब होंगे घाट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पहले स्नान पर्व पर लबालब होंगे घाट
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 08 Jan 2017 01:46 AM IST
विज्ञापन
इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इस बार माघ मेले में पहले स्नान पर्व से ही घाट लबालब हो जाएंगे। स्नानार्थियों को गंगा में भरपूर जल मिलेगा। नरौरा से तीन दिन पहले छोड़ा गया चार हजार क्यूसेक जल इलाहाबाद पहुंचने वाला है। शनिवार को माघ मेले का निरीक्षण करने इलाहाबाद पहुंचे मुख्य सचिव राहुल भटनागर ने कहा कि पहले स्नानपर्व पर गंगा में आठ हजार क्यूसेक जल की उपलब्धता रहेगी। गंगा की निर्मलता एवं अविरलता के लिए उन्होंने मुख्य स्नानपर्वों से तीन दिन पहले कानपुर एवं उन्नाव की टेनरियों को बंद किए जाने का आदेश दिया है।
मुख्य सचिव ने बताया कि ‘स्वच्छ, सुंदर और दिव्य’ थीम के साथ माघ मेले का आयोजन किया जाएगा। ऐसे में गंगा की निर्मलता और अविरलता पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है। 12 जनवरी को पौष पूर्णिमा के पहले स्नान पर्व पर गंगा में पर्याप्त जल की उपलब्ध रहे, इसके लिए नरौरा और टिहरी से आठ हजार क्यूसेक जल छोड़ दिया गया है, जो 10 जनवरी को इलाहाबाद पहुंचेगा। उन्होंने अफसरों को निर्देश दिए कि स्नानार्थियों के लिए गंगा में स्वच्छ जल हर हालत में उपलब्ध होना चाहिए।
कानपुर, उन्नाव की टेनरियों को बंद कराए जाने के साथ इलाहाबाद में सभी नालों का पानी बायोरैमेडियल तकनीक से शोधित कराने के बाद ही गंगा में छोड़ा जाए। गंगा में किसी फैक्ट्री से गंदा पानी छोड़ा जाता है तो फैक्ट्री के खिलाफ तत्काल कार्रवाई होगी। अगर गंदे पानी की शिकायत मिली तो संबंधित अफसर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल शासन के निर्देश पर नरौरा बैराज से नियमित अंतराल पर 4000 क्यूसेक जल छोड़ा जा रहा है।
विज्ञापन
मुख्य सचिव ने बताया कि माघ मेले में पहली बार स्वापर मशीन का प्रयोग किया जाएगा। इस मशीन के जरिये गंगा में प्रवाहित की जाने वाली पूजा सामग्री निकाल ली जाएगी और गंदगी इकट्ठा नहीं हो पाएगी।
विज्ञापन
मुख्य सचिव ने बताया कि ‘स्वच्छ, सुंदर और दिव्य’ थीम के साथ माघ मेले का आयोजन किया जाएगा। ऐसे में गंगा की निर्मलता और अविरलता पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है। 12 जनवरी को पौष पूर्णिमा के पहले स्नान पर्व पर गंगा में पर्याप्त जल की उपलब्ध रहे, इसके लिए नरौरा और टिहरी से आठ हजार क्यूसेक जल छोड़ दिया गया है, जो 10 जनवरी को इलाहाबाद पहुंचेगा। उन्होंने अफसरों को निर्देश दिए कि स्नानार्थियों के लिए गंगा में स्वच्छ जल हर हालत में उपलब्ध होना चाहिए।
विज्ञापन
कानपुर, उन्नाव की टेनरियों को बंद कराए जाने के साथ इलाहाबाद में सभी नालों का पानी बायोरैमेडियल तकनीक से शोधित कराने के बाद ही गंगा में छोड़ा जाए। गंगा में किसी फैक्ट्री से गंदा पानी छोड़ा जाता है तो फैक्ट्री के खिलाफ तत्काल कार्रवाई होगी। अगर गंदे पानी की शिकायत मिली तो संबंधित अफसर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल शासन के निर्देश पर नरौरा बैराज से नियमित अंतराल पर 4000 क्यूसेक जल छोड़ा जा रहा है।
विज्ञापन
मुख्य सचिव ने बताया कि माघ मेले में पहली बार स्वापर मशीन का प्रयोग किया जाएगा। इस मशीन के जरिये गंगा में प्रवाहित की जाने वाली पूजा सामग्री निकाल ली जाएगी और गंदगी इकट्ठा नहीं हो पाएगी।