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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Magh Mela: Kashi Mathura should also be handed over to Hindus, voice raised in Sant Sammelan

स्वामी वासुदेवानंद बोले : अयोध्या की तरह काशी और मथुरा भी होगी मुक्त, दावा छोड़े मुस्लिम समाज

Sun, 11 Feb 2024 05:54 PM IST
विनोद सिंह अमर उजला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 11 Feb 2024 05:54 PM IST
सार

गंगा, यमुना और सरस्वती के इसी पावन संगम तट पर तीनों मंदिरों की मुक्ति का प्रस्ताव आया था। श्री राम जन्मभूमि मुक्ति के बाद ज्ञानवापी, मथुरा मंदिरों की मुक्ति का संकल्प हुआ था।

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Magh Mela: Kashi Mathura should also be handed over to Hindus, voice raised in Sant Sammelan
विहिप। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

विश्व हिंदू परिषद माघ मेला शिविर प्रयागराज में आयोजित संत सम्मेलन में संतों ने धर्मांतरण, लव जिहाद, सामाजिक समरसता, संस्कार, संयुक्त परिवार, हिंदू धर्म का प्रचार प्रसार आदि विषयों पर चर्चा की। संतों ने कहा कि अयोध्या ने भगवान श्रीरामलला का भव्य मंदिर निर्माण संगम के पवित्र भूमि पर संतों द्वारा लिए गए संकल्प का परिणा बताया। कहा कि अयोध्या में भगवान श्री राम की भव्य प्राण प्रतिष्ठा के बाद काशी और मथुरा का भी रास्ता साफ होगा। 

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अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जितेन्द्रानंद सरस्वती जी ने कहा कि कुंभ के अवसर पर जब हम सब इसी भूमि पर एकत्रित होंगे उससे पूर्व ही मुस्लिम समाज काशी और मथुरा से अपने दावे वापस ले। अन्यथा तीन मंदिर की बात कही गई है, अब हम अपने तोड़े गए सभी मंदिरों पर अपना दावा करेंगे और अपने कलंक के सारे अवशेषों को समाप्त करने का संकल्प लेते हैं।

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संगम तट से लिया गया संकल्प नहीं होता विफल

अध्यक्षता कर रहे जगत गुरु स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने कहा सनातन धर्म पर इतने प्रहार किए गए फिर भी हम धर्म की शक्ति से टिके रहे। जल्द ही संतों से काशी और मथुरा के विषयों पर चिंतन होगा। उन्होंने यह भी कहा कि यहां लिया गया संकल्प कभी अधूरा नहीं रहता और आज के दिन हम सब ने संकल्प लिया है कि हम अयोध्या की तरह मथुरा और काशी भी मुक्त कराएंगे। विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय संरक्षक दिनेश ने कहा कि संतों के माध्यम से जो विषय आए हैं उन विषयों पर विश्व हिंदू परिषद चिंतन कर संतों के मार्गदर्शन में आगामी कार्यक्रम एवं योजनाएं तैयार करने की रणनीति बनेगी।

यह संत रहे मौजूद

संचालन राष्ट्रीय संत संपर्क प्रमुख अशोक तिवारी ने किया। संत सम्मेलन में अभय चैतन्य ब्रह्मचारी, अजनेसानंद, श्याम सुंदर दास, संतोष दास सतुआ बाबा, रामकमल दास वेदांती, रामरतन दास जी महाराज फलाहारी बाबा, कौशल्या मां किन्नर अखाड़ा, गोपाल दास त्यागी, हरिहरानंद, प्रभाकर, प्रांत संगठन मंत्री नितिन, प्रांत अध्यक्ष कविन्द्र प्रताप सिंह, क्षेत्र धर्माचार्य संपर्क प्रमुख जितेंद्र,सुरेश अग्रवाल, आद्या शंकर, अंशुमान, कैप्टन सत्य प्रकाश मिश्रा, देवेश, अनिल पांडेय, महेश सहित बड़ी संख्या में पूज्य संत और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम का प्रारंभ श्री राम दरबार के समक्ष दीप प्रवज़लन के साथ हुआ। संचालन राष्ट्रीय संत संपर्क प्रमुख अशोक तिवारी ने किया।

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