Magh Mela : पुराने जर्जर तारों और फ्यूज बल्ब के सहारे दौड़ाई गई कल्पवासी शिविरों में बिजली, हादसे की आशंका
सेक्टर तीन स्थित खाक चौक में महावीर मार्ग पर मौनी बाबा के शिविर में 10 से अधिक कॉटेज में प्रदेश के अलग-अलग इलाकों से आए श्रद्धालु कल्पवास कर रहे हैं। इस शिविर में लगाए गए 25 बल्बों में से 10 बल्ब फ्यूज निकल गए।
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संगम की रेती पर जप, तप, ध्यान के लिए पहुंचे कल्पवासियों के शिविरों में बिजली आपूर्ति से जुड़ी व्यवस्था बदहाल है। कई जगह अभी बिजली पहुंची ही नहीं है। जहां कनेक्शन दिए गए हैं, वहां ज्यादातर शिविरों में फ्यूज बल्ब लगाए जाने की शिकायतें आ रही हैं। इसके अलावा पुराने और कटे हुए तारों को जोड़कर शिविरों में बिजली दौड़ाए जाने से हादसे की भी आशंका बनी हुई है।
सेक्टर तीन स्थित खाक चौक में महावीर मार्ग पर मौनी बाबा के शिविर में 10 से अधिक कॉटेज में प्रदेश के अलग-अलग इलाकों से आए श्रद्धालु कल्पवास कर रहे हैं। इस शिविर में लगाए गए 25 बल्बों में से 10 बल्ब फ्यूज निकल गए। बल्ब न जलने की शिकायत कई बार करने के बाद वहां नए बल्ब दिए गए हैं। यहां यज्ञशाला के लिए अलग कनेक्शन है, लेकिन छह जनवरी को पौष पूर्णिमा से यज्ञ आरंभ होने के बाद अभी तक बिजली नहीं लग सकी है। इस वजह से रात को यज्ञशाला में अंधेरा रहता है।
इस शिविर के संचालक दिव्यांशु शुक्ल ने बताया कि कटे हुए पुराने तारों के सहारे बिजली दौड़ाई गई है। चारों में जगह-जगह पैबंद लगाए गए हैं। स्पार्किंग होने पर हादसे की आशंका रहेगी। इसी तरह सेक्टर तीन में ही काली मार्ग दक्षिणी पटरी पर डॉ. प्रकाश चंद्र मिश्र के कल्पवासी शिविर में भी पांच से अधिक बल्ब फ्यूज लगाए गए हैं। शिविरों में बल्ब न जलने की शिकायत के बाद उन्हें बदला गया।
इस शिविर के वैभव चंद्र मिश्र ने बताया कि फ्यूज बल्ब लगाए जाने की शिकायतें आम हैं। तार कहीं जोड़-जोड़ कर बनाए गए तारों के सहारे कनेक्शन दिया गया है तो कहीं स्विच बोर्ड खराब हैं। सेक्टर दो में भी कई शिविरों में फ्यूज बल्ब लगाए जाने की शिकायतें हैं।
पुराने और कटे हुए तार अगर किसी सेक्टर के शिविरों में लगाए गए हैं तो उन्हें बदला जाएगा। इस तरह का काम करने वाले बेंडर की जांच कराई जाएगी। ताकि, स्थिति में समय रहते सुधार लाया जा सके। - भविष्य कुमार सक्सेना- अधिशासी अभियंता, माघ मेला।