{"_id":"65d3cebbfc75f62d2706b414","slug":"mad-husband-convicted-of-murder-gets-ten-years-imprisonment-rs-25000-fine-allahabad-news-c-3-1-ald1049-322006-2024-02-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Prayagraj News: हत्या के दोषी सिरफिरे पति को दस वर्ष की कैद, 25 हजार अर्थदंड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Prayagraj News: हत्या के दोषी सिरफिरे पति को दस वर्ष की कैद, 25 हजार अर्थदंड
विज्ञापन
इलाहाबाद की जिला अदालत ने दस वर्ष पहले चापड़ मारकर पत्नी की हत्या करने के दोषी सिरफिरे पति को दस वर्ष की कैद और 25 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड की 90 प्रतिशत धनराशि बतौर मुआवजा मृतका के भाई और मां को अदा की जाएगी। यह फैसला जिला जज संतोष राय की अदालत ने दिया।
मामला खुल्दाबाद थाना क्षेत्र के मुनव्वर अली शाह बाबा की मजार का है। 17 अक्तूबर 2014 को मानसिक रूप से बीमार मोहम्मद रईस ने अपनी पत्नी यास्मीन फातिमा पर चापड़ से हमला कर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक के भाई मो.इसरार ने बहनोई के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाते हुए बताया था कि उसके बहनोई की मानसिक हालत ठीक नहीं है। उसका इलाज दवाई के साथ ही दुआ-तावीज से भी किया जा रहा था।
ऐसे में घर में अकेली यास्मीन फातिमा पर रईस ने चापड से हमला कर उसकी हत्या कर दी थी। पुलिस ने ममाले की विवेचना के बाद अदालत ने गैर इरादतन हत्या का आरोप पत्र दाखिल किया था, जिस पर दस वर्ष चले विचारण के दौरान ट्रायल कोर्ट में अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गुलाब चंद्र अग्रहरि ने पांच और बचाव पक्ष ने तीन गवाह पेश किए।
विज्ञापन
अदालत ने आरोपी सिरफिरे पति को पत्नी की गैर इरादतन हत्या का दोषी करार दिया था। सोमवार को अदालत ने दोषी पति को दस वर्ष के कठोर कारावास और 25 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुना दी।
विज्ञापन
मामला खुल्दाबाद थाना क्षेत्र के मुनव्वर अली शाह बाबा की मजार का है। 17 अक्तूबर 2014 को मानसिक रूप से बीमार मोहम्मद रईस ने अपनी पत्नी यास्मीन फातिमा पर चापड़ से हमला कर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक के भाई मो.इसरार ने बहनोई के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाते हुए बताया था कि उसके बहनोई की मानसिक हालत ठीक नहीं है। उसका इलाज दवाई के साथ ही दुआ-तावीज से भी किया जा रहा था।
विज्ञापन
ऐसे में घर में अकेली यास्मीन फातिमा पर रईस ने चापड से हमला कर उसकी हत्या कर दी थी। पुलिस ने ममाले की विवेचना के बाद अदालत ने गैर इरादतन हत्या का आरोप पत्र दाखिल किया था, जिस पर दस वर्ष चले विचारण के दौरान ट्रायल कोर्ट में अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गुलाब चंद्र अग्रहरि ने पांच और बचाव पक्ष ने तीन गवाह पेश किए।
विज्ञापन
अदालत ने आरोपी सिरफिरे पति को पत्नी की गैर इरादतन हत्या का दोषी करार दिया था। सोमवार को अदालत ने दोषी पति को दस वर्ष के कठोर कारावास और 25 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुना दी।