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लखनऊ तक पहुंची पद की लड़ाई

Wed, 25 May 2016 01:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Wed, 25 May 2016 01:35 AM IST
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Lucknow reached the post fight
कांग्रेस - फोटो : file photo
अनुशासनहीनता के आरोप में जिला कांग्रेस के महासचिव पद से हटाए जाने के बाद हसीब अहमद और श्रीशचंद्र दुबे अपनी बात रखने मंगलवार को लखनऊ पहुंचे और प्रदेश अध्यक्ष निर्मल खत्री एवं प्रदेश कांग्रेस अनुशासन समिति के चेयरमैन रामकृष्ण द्विवेदी से मुलाकात की। दोनों ने अनुशासन समिति के चेयरमैन को बताया कि जिलाध्यक्ष अनिल द्विवेदी ने चेयरमैन के आदेश पर उन्हें पद से हटाया है। इस पर चेयरमैन ने दोनों पर किसी भी तरह की कार्रवाई किए जाने से पल्ला झाड़ लिया। उन्होंने कहा कि कार्रवाई के लिए कोई आदेश नहीं दिया था और न ही उन्हें कोई शिकायत मिली थी। अलबत्ता जिस दिन दोनों के खिलाफ कार्रवाई हुई, उस दिन वह दिल्ली में थे।
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अनुशासन समिति के चेयरमैन की ओर से जारी बयान के बाद पार्टी में नया विवाद पैदा हो गया है। सवाल उठ रहे हैं कि पोस्टर-बैनर लगाकर अक्सर में चर्चा में रहने वाले दोनों पदाधिकारियों के खिलाफ किसके इशारे पर कार्रवाई की गई। अनुशासन समिति के अध्यक्ष रामकृष्ण द्विवेदी ने ‘अमर उजाला’ को फोन पर बताया कि हसीब और श्रीशचंद्र के खिलाफ उनके पास कोई शिकायत नहीं आई है और न ही उन्होंने दोनों पर कोई कार्रवाई की है। मंगलवार को उनसे मुलाकात के दौरान कार्रवाई के बारे में जानकारी हुई। उधर, जिलाध्यक्ष अनिल द्विवेदी का कहना है कि चेयरमैन ने फोन पर उन्हें कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। वह बड़े नेता हैं। 

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अगर अब कह रहे हैं कि कार्रवाई के लिए उन्होंने कोई निर्देश नहीं दिए तो इस पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। जिलाध्यक्ष का कहना है कि दोनों नेता लगातार नया विवाद पैदा कर रहे थे और जवाब उन्हें देना पड़ रहा था। दोनों को पद से हटा दिया गया है। कांग्रेस कार्यकर्ता के रूप में चाहे जो करें, अब उनकी जवाबदेही नहीं। उधर, पार्टी सूत्रों का कहना है कि कुछ न कुछ नया करके दोनों नेताओं का अक्सर सुर्खियों में बने रहना कुछ स्थानीय बड़े नेताओं को रास नहीं आया और कार्रवाई उन्हीं के दबाव में की गई। फिलहाल दोनों को पद से हटाए जाने के लिए लिखित रूप से अब तक कोई पत्र नहीं मिला है।

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