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हर रोज लाखों का घाटा, रोडवेज की कई बसें होंगी अब सरेंडर

Sun, 09 May 2021 09:50 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 09 May 2021 09:50 PM IST
सार

  • यात्रियों की कमी के कारण 50 से ज्यादा बसों को सरेंडर करने की तैयारी
  • प्रयागराज रीजन को हर रोज 30 से 35 लाख का हो रहा है घाटा 

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Losses of millions everyday, many buses of roadways will now be surrendered
prayagraj news : यूपी रोडवेज - फोटो : prayagraj

विस्तार

कोरोना कर्फ्यू की वजह से यूपी रोडवेज के प्रयागराज रीजन को हर रोज लाखों रुपये का घाटा सहना पड़ रहा है। रोडवेज की नियमित आमदनी भी घटकर आधी रह गई है। इस बीच रोडवेज प्रशासन ने कई बसों को सरेंडर करने का भी निर्णय ले लिया है। अगले सप्ताह से बसों को सरेंडर करने की कार्रवाई शुरू हो जाएगी।

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Losses of millions everyday, many buses of roadways will now be surrendered
prayagraj news : यूपी रोडवेज - फोटो : prayagraj

रोडवेज के प्रयागराज रीजन में कुछ आठ डिपो में 600 से ज्यादा बसों का संचालन होता है। यहां एक दिन की औसत आय 65 लाख रुपये के आसपास है।  लेकिन कोरोना कर्फ्यू की वजह से बसों से होने वाली आय तकरीबन आधी हो गई है। इस वजह से रोडवेज प्रशासन को हर रोज सिर्फ प्रयागराज रीजन में ही 30 से 35 लाख रुपये का घाटा हो रहा है। स्थिति यह है कि अब रोडवेज प्रशासन 50 से अधिक बसों के दस्तावेज संभागीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) को सौंपने की तैयारी कर रहा है। यानी कि सप्ताह भर रोडवेज की 50 से अधिक बसों का सरेंडर हो जाएगा।

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Losses of millions everyday, many buses of roadways will now be surrendered
prayagraj news : यूपी रोडवेज - फोटो : prayagraj
पिछले वर्ष लगे लॉकडाउन के दौरान भी प्रयागराज रीजन ने घाटे की भरपाई करने के लिए कई बसों का सरेंडर किया था। इस बीच एसी बस से सफर करने वाले यात्रियों का भी ग्राफ लगातार नीचे गिर रहा है। प्रयागराज से लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, बरेली, आगरा, गोरखपुर, शक्तिनगर, झांसी आदि जिलों के लिए एसी बसें उपलब्ध है, लेकिन अब इन बसों में महज 20 फीसदी ही लोड फैक्टर रह गया है। प्रयागराज रीजन के क्षेत्रीय प्रबंधक टीकेएस बिसेन का कहना है कि यात्रियों का लोड फैक्टर आधा ही रह गया है। हर रोज लाखों का घाटा भी हो रहा है। इसी वजह से कुछ बसों को सरेंडर करने की भी योजना है।
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