नैनी सेंट्रल जेल में शराब पार्टी: कई अधिकारी भी संदेह के घेरे में
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दो दिन पहले केंद्रीय कारागार नैनी के सर्किल नंबर एक की बैरक नंबर तीन में बंद चार बंदियों रामकुमार यादव, उदय सिंह यादव, संजय यादव व रानू की एक फोटो वायरल हुई थी। कहा गया था कि ये फोटो जेल के अंदर की है, जिसमें शराब-मुर्गा पार्टी चलती दिखाई दे रही थी। फोटो वायरल होने के बाद जेल में हड़कंप मच गया था। एडीजी कारागार चंद्र प्रकाश ने इस प्रकरण की जांच डीआईजी जेल वीआर वर्मा को सौंपी थी।
डीआईजी जेल ने दो दिन की जांच के बाद बताया कि वायरल फोटो जेल के अंदर के सर्किल एक के बैरक नंबर तीन की है। पार्टी इसी साल 21 मार्च को यानी होली के दिन मनाई गई। बंदियों के बयान के आधार पर प्रथम दृष्टया इस प्रकरण में दोषी पाए जाने पर बंदी रक्षक कृष्ण कुमार और मुख्य बंदी रक्षक मूलचंद्र दोहरे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और उनके खिलाफ जांच के आदेश दिए गए हैं।
डीआईजी जेल ने बताया कि इस प्रकरण में जेलर, डिप्टी जेलर व सुपरिटेंडेंट की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। प्रथम दृष्टया फोटो जेल के भीतर की लग रही है। जांच रिपोर्ट तैयार करके एवं सभी अधिकारियों के दायित्व तय करके रिपोर्ट अधिकारियों को भेज दी गई है। जेल के अंदर फोटो किस उपकरण से खींची गई, इस बारे में डीआईजी वीआर वर्मा का कहना है कि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि फोटो किसने और किससे खींची है। साथ में उन बंदियों का भी नहीं पता चला है जिनके हाथ व पैर उस फोटो में दिख रहे हैं। दीवार के रंग और फर्श के बारे में डीआईजी ने बताया कि प्रबल संभावना है कि दीवार की पोताई करा दी गई हो। एडीजी जेल चंद्र प्रकाश ने छह जून की देर शाम इस प्रकरण में वरिष्ठ जेल अधीक्षक एचबी सिंह, जेल अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा, उप जेल अधीक्षक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
केंद्रीय कारागार के भीतर शराब-मुर्गा पार्टी की वायरल फोटो पर डीआईजी जेल बीआर वर्मा की जांच रिपोर्ट के बाद भी कई सवाल बाकी हैं। उधर, इस प्रकरण को लेकर जेल अधिकारियों एवं कर्मचारियों में आक्रोश भी है। नाम न छापने की शर्त पर कर्मचारियों व अफसरों का कहना है कि वायरल फोटो के बैकग्राउंड में दिख रही दीवार और फर्श, बैरक तीन के हालात से बिल्कुल जुदा हैं, जहां पर पार्टी होना दिखाया गया है।
सूत्रों के अनुसार, जेल की बैरक की दीवारों की पोताई कम से कम छह महीने से नहीं हुई, ऐसे में उसका रंग तीन महीने में कैसे बदल गया, यह भी बड़ा सवाल है। उधर, पांच जून तक डीआईजी खुद यह कह रहे थे कि दीवार का रंग और फर्श जेल की बैरक से मैच नहीं कर रहे और छह जून को कहने लगे कि उन दीवारों को पोत दिया गया है। इसको लेकर वरिष्ठ जेल अधीक्षक एचबी सिंह का कहना है कि वह कल भी कह रहे थे कि यह फोटो बाहर की और आज भी कह रहे हैं। इसके पीछे गहरी साजिश है। जिसकी उच्चस्तरीय जांच अनिवार्य है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक के अनुसार फोटो फर्जी है। यह नैनी जेल की है ही नहीं, फिर भी नैनी जेल की बताकर वायरल करना सीधे-सीधे कारागार और यहां के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बदनाम करना है।
नैनी। वायरल फोटो को लेकर हंगामा होने के बाद अब जेल प्रशासन फोटो में दिख रहे चारों अपराधियों पूर्व पार्षद पति रामकुमार यादव, उदय यादव, संजय यादव, रानू और कुख्यात अपराधी गदऊ पासी की जेल ट्रांसफर होना तय हो गया है। जेल प्रशासन की ओर से इन पांचों अपराधियों को दूसरे जेल में भेजने के लिए अपने शीर्ष अधिकारियों को लिखा जाएगा।
वरिष्ठ जेल अधीक्षक, जेलर व डिप्टी जेलर पर विभागीय कार्रवाई की संस्तुति डीआईजी की ओर से प्रेषित रिपोर्ट में की गई है। हेडवार्डर व वार्डर को निलंबित कर दिया गया है। अफसरों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। सफाई मिलने के बाद जरूरी कार्रवाई की जाएगी।
चंद्र प्रकाश
एडीजी जेल, उत्तर प्रदेश।