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Prayagraj : दीपावली की तरह जहरीली हवाओं की गिरफ्त में रहा शहर, पटाखों ने तीन गुना बढ़ाया वायु प्रदूषण

Wed, 24 Jan 2024 12:44 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 24 Jan 2024 12:44 PM IST
सार

दीपावली की ही तरह प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के दिन भी वातावरण प्रदूषण की चपेट में रहा। धमाकों और पटाखों के धुएं ने हवा को तीन गुना अधिक जहरीला बना दिया। जिन इलाकों में कभी धुएं का प्रभाव नहीं था वहीं की भी एयर क्वालिटी खराब दिखी। 

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Like Diwali, the city remained in the grip of poisonous winds, firecrackers increased air pollution three time
छाई धुंध। सांकेतिक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अयोध्या में भगवान श्रीराम के मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के बाद सोमवार की शाम हुई आतिशबाजी ने एक बार फिर दीपावली पर्व की तरह प्रयागराज की हवा को प्रदूषित कर दिया। पटाखों से निकलने वाले धुंए के कारण सोमवार की शाम वायु प्रदूषण तकरीबन तीन गुना बढ़ा हुआ रिकार्ड दर्ज किया गया। कल शाम तकरीबन सात से नौ बजे के बीच वायु प्रदूषण का सूचकांक दीपावली पर्व के बाद अब सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। पीएम 10 का घनत्व सबसे ज्यादा झूंसी में रहा। यहां का एक्यूआई शाम को सात बजे 464 दर्ज किया गया।

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इसी प्रकार यहां का पीएम 2.5 का स्तर 333 दर्ज किया गया। दूसरे स्थान पर सिविल लाइंस का इलाका रहा। यहां का एक्यूआई भी 300 के ऊपर दर्ज किया गया। इसके साथ ही कटरा क्रासिंग और जानसेनगंज एरिया में भी दीपावली पर्व की तरह ही तीन गुना बढ़ा हुआ एक्यूआई दर्ज किया गया। हवा में सल्फर, नाइट्रोजन और कार्बन गैस की मौजूदगी भी पहले से ज्यादा बढ़ी हुई रही। इसके चलते मंगलवार की सुबह लोगों को सांस लेने भी काफी दिक्कत महसूस हुई।
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12 नवंबर 2023 को दीपावली पर्व मनाया गया था। इस दौरान पूरे शहर में आतिशबाजी के कारण शहर की आबोहवा में जहर घुल गया था। इसके चलते कई दिनों तक लोगों को दमघाेंटू वाली स्थिति में सांस लेना पड़ा। तकरीबन दस दिन बाद हवा चली तो लोगों को थोड़ी राहत मिली। सोमवार को अयोध्या में भगवान श्रीराम के मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के बाद शाम को लोगों ने जमकर आतिशबाजी की। पूरा शहर एक बार फिर दीपावली पर्व की तरह धूम-धड़ाके में जुट गया।

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शाम को छह से लेकर रात नौ बजे तक हुई आतिशबाजी के कारण पूरे शहर की हवा एक बार फिर दीपावली पर्व की तरह जहरीली हो गई है। मंगलवार की सुबह बारूद के कारण लोगों का सांस लेना दूभर हो गया। कल शाम को तकरीबन छह से सात बजे के बीच अचानक पटाखों के कारण वायु प्रदूषण स्तर ने छलांग लगाई। वायु प्रदूषण के मापन के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से झूंसी समेत तीन जगहों पर लगाई गई लाइव सेंसर मशीनों के आंकड़े ने एक बार फिर भयभीत कर दिया है।

पटाखों से निकले धुंए के कारण सबसे ज्यादा प्रदूषित क्षेत्र झूंसी रहा। यहां शाम को सात बजे एक्यूआई का पीएम 10 का स्तर 464 तथा पीएम 2.5 का स्तर 333 दर्ज किया गया। इसी प्रकार नगर निगम में लगी लाइव सेंसर मशीन ने शाम को सात बजे पीएम 10 का स्तर 213 तथा पीएम 2.5 का स्तर 304 दर्ज किया। कटरा क्रासिंग में पीएम 10 का स्तर भी 300 के पार रहा।

जानसेनगंज इलाके में भी पटाखों के धुंए से एक्यूआई अन्य दिनों की अपेक्षा काफी ज्यादा बढ़ गया था। एमएनआईटी में लगी लाइव सेंसर मशीन ने कल शाम को तकरीबन सात बजे एक्यूआई 236 दर्ज किया। सभी जगहों पर एक्यूआई अपने स्तर से तकरीबन दो से तीन गुना ज्यादा दर्ज किया गया।

साइलेंस जोन में भी धमाके

रामलला के आगमन पर प्रयागराज के साइलेंस जोन में भी जमकर आतिशबाजी हुई। सर्किट हाउस अशोक नगर में पीएम 10 सामान्य दिनों की अपेक्षा दो गुना रहा। इसके चलते यहां भी वायु प्रदूषण के कारण लोग परेशान रहे। बढ़े वायु प्रदूषण के कारण मंगलवार को सबसे ज्यादा दिक्कत सांस के मरीजों को उठानी पड़ी। अस्थमा के मरीजों के लिए बढ़ा हुआ एसओटू और एनओटू बेहद खतरनाक रहा। सांस के साथ जहरीली हवा भीतर जाते ही फेफड़े प्रभावित होने लगते हैं।

वायु गुणवत्ता के ये हैं मानक
0 से 50 वायु गुणवत्ता सूचकांक अच्छा
51 से 100 वायु गुणवत्ता सूचकांक संतोषजनक
101 से 200 वायु गुणवत्ता सूचकांक मध्यम
201 से 300 वायु गुणवत्ता सूचकांक खराब
301 से 400 वायु गुणवत्ता सूचकांक बेहद खराब
401 से ऊपर वायु गुणवत्ता सूचकांक गंभीर


सोमवार की शाम पूरे शहर में जमकर हुई आतिशबाजी के कारण वायु प्रदूषण सामान्य दिनों की अपेक्षा काफी बढ़ गया था। हवा के न चलने के कारण हालात और खराब हो गए हैं। हवा न चलने से पीएम 10 सूक्ष्म कणों से भी बढ़ने वाले वायु प्रदूषण को खींच लेता है। जब तक हवा नहीं चलेगी आसमान में स्मॉग छाया रहेगा और प्रदूषण में बढ़ोत्तरी दर्ज की जाएगी। अगले कुछ दिनों तक तो राहत की उम्मीद नहीं दिख रही है। हवा चलने और बारिश होने पर आसमान अपने आप साफ हो जाएगा। - क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी, आरके सिंह

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