Smog : दिल्ली की तरह प्रयागराज में भी स्मॉग की चादर, धुंध से बढ़ी परेशानी
प्रयागराज मेें शुक्रवार को स्मॉग की चादर छाई रही। वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली के मुताबिक अगले चार-पांच दिन तक ऐसी ही स्थिति बनी रह सकती है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अनुसार शुक्रवार को नगर निगम की सेंसर मशीन का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 321 रहा।
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ठंड की दस्तक के साथ ही दिल्ली की तरह प्रयागराज में भी स्मॉग का असर बढ़ने लगा है। शुक्रवार को प्रयागराज की दो लाइव सेंसर मशीनों ने एयर क्वालिटी इंडेक्स खराब व बेहद खराब बताया। नगर निगम और मोतीलाल नेहरू इंजीनियरिंग कॉलेज में लगी लाइव सेंसर मशीनों के आधार पर यहां का वायु गुणवत्ता सूचकांक गंभीर श्रेणी में पहुंच गया है। इसकी अपेक्षा झूंसी की लाइव सेंसर मशीन ने हालात संतोषजनक बताया है।
प्रयागराज मेें शुक्रवार को स्मॉग की चादर छाई रही। वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली के मुताबिक अगले चार-पांच दिन तक ऐसी ही स्थिति बनी रह सकती है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अनुसार शुक्रवार को नगर निगम की सेंसर मशीन का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 321 रहा। इस स्तर की हवा को बेहद खराब श्रेणी में रखा जाता है। यह स्थिति दोपहर दो से शाम पांच बजे तक बनी रही।
इसी प्रकार मोतीलाल नेहरू इंजीनियरिंग कॉलेज की वायु गुणवत्ता सूचकांक की सेंसर मशीन ने वायु का स्तर 294 बताया है। दोनों जगहों के हालात को खराब और बेहद खराब की श्रेणी में रखा गया है। यानी इन क्षेत्रों की हवा गंभीर श्रेणी में पहुंची हुई है। इसके विपरीत झूंसी में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कार्यालय पर लगी सेंसर मशीन ने पीएम 10 का स्तर अधिकतम 151 बताया है।
हवा में प्रदूषक कण पीएम 10 का स्तर 100 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर और पीएम 2.5 का स्तर 60 माइक्रोग्राम से कम होना चाहिए। शुक्रवार शाम पीएम 10 का स्तर 300 और पीएम 2.5 का स्तर 155 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर पर रहा। यानी हवा में तीन गुना से भी ज्यादा प्रदूषक हैं।
तापमान गिरने से समस्या बढ़ेगी
अगले तीन-चार दिन हवा की गति उत्तरी- पश्चिमी दिशा में धीमी ही रहने की संभावना है। तापमान में भी धीरे-धीरे कमी आएगी। मौसम के इन कारकों के चलते भी प्रदूषण से राहत के आसार नहीं है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के रीजनल अफसर बोले- मशीनों पर धूल जमा होने से आई है ऐसी रीडिंग
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड प्रयारागज के क्षेत्रीय अधिकारी आरके सिंह का कहना है कि वायु प्रदूषण के लिहाज से अभी प्रयारागज के हालात नियंत्रण में हैं। एक दिन के मौसम से यह तय करना मुश्किल है कि कल क्या होगा। उनका कहना है कि प्रयागराज में तीन जगहों पर लगी मशीनों के ऊपर धूल के कण के जमा होने से ऐसी रीडिंग आई है। सेंसर को दो दिन में साफ करा दिया जाएगा तो रीडिंग सही आने लगेगी।