prayagraj murder mystery : जख्मी पड़ी बेटी के हाथ में फंसा दी लाइसेंसी पिस्टल, बताया ब्वॉयफ्रेंड का कातिल
सुनील ने घटना की सूचना सुबह 5.25 मिनट पर 112 नंबर पर दी। बताया कि घर की छत पर उसकी बेटी और एक युवक गंभीर रूप से जख्मी हाल में पड़े हैं। दोनों को गोली लगी है। पीआरवी ने मौके पर पहुंचकर देखा तो किशोर की मौत हो चुकी थी जबकि छात्रा गंभीर हाल में पड़ी तड़प रही थी।
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नैनी में प्रेमी की हत्या और बेटी पर फायरिंग के आरोपी ढाबा संचालक सुनील मिश्रा ने पुलिस को गुमराह करने की भी कोशिश की। घटना को अंजाम देने के बाद उसने लाइसेंसी पिस्टल जख्मी पड़ी बेटी की हथेली में फंसा दी। साथ ही पुलिसकर्मियों को बताया कि उसने ही घर में घुसे पर युवक पर गोलियां चलाईं। लेकिन मौके की स्थिति और विरोधाभासी बयानों के चलते वह शक के घेरे में आ गया। अफसरों ने जब सख्ती से पूछताछ की तो वह टूट गया और जुर्म कुबूल कर लिया।
सुनील ने घटना की सूचना सुबह 5.25 मिनट पर 112 नंबर पर दी। बताया कि घर की छत पर उसकी बेटी और एक युवक गंभीर रूप से जख्मी हाल में पड़े हैं। दोनों को गोली लगी है। पीआरवी ने मौके पर पहुंचकर देखा तो किशोर की मौत हो चुकी थी जबकि छात्रा गंभीर हाल में पड़ी तड़प रही थी। उसकी हथेली में पिस्टल फंसी हुई थी। जानकारी पर नैनी पुलिस के साथ ही अफसर भी आ गए और फिर छात्रा को अस्पताल भेजवाया गया। पुलिस अफसरों ने जांच पड़ताल शुरू की। मौके पर डॉग स्क्वॉयड व फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया।
सूत्रों का कहना है कि जांच पड़ताल के दौरान घर में किसी के जबरन घुसने के निशान नहीं मिले। उधर, ढाबा संचालक व उसके परिजनों से बात की गई तो उनके बयान भी अलग-अलग थे। खुद ढाबा संचालक की बातों में भी विरोधाभास था। जिसके बाद वह शक के घेरे में आ गया। अफसरों ने सख्ती से पूछताछ की तो उसने सारी सच्चाई बयां कर दीं। इससे पहले पुलिस को दी गई फौरी सूचना में भी उसने यही बताया था कि उनकी बेटी ने ही युवक पर फायरिंग करने के बाद खुद को गोली मार ली।
सच्चाई बयां करते फूट-फूटकर रोया
सूत्रों का कहना है कि पुलिस हिरासत में लिए जाने के बाद सच्चाई बयां करते हुए ढाबा संचालक फूट-फूटकर रोने लगा। वह कहता रहा कि उसने अपने ही हाथों अपना परिवार तबाह कर लिया। बेटी को याद करके भी वह बिलखता रहा। हालांकि अफसरों के सामने भी वह यही कहता रहा कि वह नहीं जानता था कि युवक कौन है। उधर घटना की जानकारी पर मौके पर पहुंचे रिश्तेदारों व परिचितों का कहना था कि सुनील का तीनों बच्चों में सबसे ज्यादा लगाव अपनी बेटी से था। वह उसकी लाडली थी और घर में केवल उसका ही जन्मदिन मनाया जाता था। अपने सोशल मीडिया अकाउंट में भी उसने बेटी के साथ ही अपनी प्रोफाइल फोटो लगा रखी है।
कक्षा छूटी लेकिन नहीं टूटा नाता, फेल हो गया था अरुणव
गोली मारकर मौत के घाट उतारा गया अरुणव व गोली लगने से घायल छात्रा का आपस में गहरा लगाव था। यहां तक कि कक्षा छूटने के बाद भी उनका नाता नहीं टूटा। दरअसल दोनों पिछले साल तक एक ही कक्षा में पढ़ते थे। लेकिन अरुणव के फेल होने की वजह से छात्रा अगली कक्षा में पहुंच गई। हालांकि उनके बीच न सिर्फ बातचीत होती रही बल्कि दोनों मिलते-जुलते भी रहे।
छात्रा कॉमर्स जबकि अरुणव विज्ञान वर्ग का छात्र था। 11वीं में कक्षा एक ही होने के कारण स्कूल में अक्सर उनका आमना-सामना होता रहता था। इसी दौरान दोनों दोस्त बन गए और फिर उनकी अक्सर बातचीत होने लगी। अच्छे नंबर नहीं होने पर अरुणव का इंटर में एडमिशन नहीं हो पाया। जबकि छात्रा 12वीं में पहुंच गई। इससे दोनों की कक्षाएं बदल गईं लेकिन उनका नाता नहीं टूटा। दोनों इंस्टाग्राम के जरिए चैटिंग करते रहे।
मां के फोन से चलाती थी इंस्टाग्राम
जांच पड़ताल में यह बात सामने आई कि छात्रा अपनी मां के फोन से इंस्टाग्राम अकाउंट चलाती थी। कुछ माह पहले परिवार में एक मांगलिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ था तब छात्रा की बुआ की लड़की को यह जानकारी हुई कि वह अरुणव से चैटिंग करती है। लेकिन तब यह बात उसने घरवालों को नहीं बताई थी।
दारागंज में अंतिम संस्कार
पोस्टमार्टम के बाद अरुणव का परिजनों ने दारागंज घाट पर अंतिम संस्कार किया। पुलिस सूत्रों का कहना है कि पोस्टमार्टम के दौरान दोनों गोलियां उसके शरीर में फंसी मिली। परिजनों ने नम आंखों से उसका अंतिम संस्कार किया। उधर पुलिस अफसरों ने बताया कि मौके से चार खोखे बरामद हुए थे, जिससे पता चला कि रिवॉल्वर से चार गोलियां चलाई गईं थीं।
कुछ साल पहले ही बनवाया था मकान
छात्रा का पिता सुनील मूल रूप से कौंधियारा थाना क्षेत्र के कांटी गांव का रहने वाला है और घूरपुर में ढाबा का संचालन करता है। बच्चों की पढ़ाई को लेकर कुछ वर्ष पहले ही उसने चक हीरानंद मोहल्ले में मकान बनवाया था। यहां दोनों बेटे, बेटी, पत्नी के अलावा बहन की लड़की रहती है। ढाबे में व्यस्त होने के चलते वह 10-15 दिन पर एक बार घर आया करता था। मंगलवार रात भी करीब 10 बजे वह घर आया था। उधर अरुणव के पिता सत्यप्रकाश सिंह मूल रूप से सुल्तानपुर के रहने वाले हैं और पीएसी कालोनी में बीते कई साल से परिवार के साथ रह रहे थे। वह एलआईसी एजेंट हैं।
आरोप, घर से बुलाकर की हत्या
अरुणव के परिजनों ने घर से बुलाकर हत्या करने का आरोप लगाया है। पिता ने तहरीर देकर आरोप लगाया है कि छात्रा के घरवालों ने उनके बेटे को फोन करके बुलाया और फिर उसकी हत्या कर दी। इसमें उसके पिता व दोनो बेटों का हाथ है। एसपी यमुनापार ने बताया कि आरोपी का एक बेटा नाबालिग है। दोनों अभी पढ़ाई कर रहे हैं। जांच पड़ताल की जा रही है।
मुख्य द्वार से ही छत पर जाने का था रास्ता
चक हीरानंद मोहल्ले में बने घर की छत पर जाने के लिए मुख्य गेट से अंदर सीढ़ी से ही रास्ता है। पहले तल के बाद पूरे छत पर चारों तरफ से 10 फीट की दीवार उठाई गई है और समाने खिड़की लगाने के साथ छत पर रसोई का फाउंडेशन बनाया गया है।