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प्रयागराज : हज यात्रा के आवेदक एक तिहाई से भी कम
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एक तिहाई से कम रह गए हज यात्री
अनिश्चितता के बीच सब्सिडी खत्म करने को माना जा रहा प्रमुख कारण
प्रयागराज। हज यात्रा के आवेदकों की संख्या एक तिहाई से भी कम हो गई है। इसके पीछे सब्सिडी खत्म होेने से आर्थिक बोझ बढ़ने को प्रमुख कारण माना जा रहा है।
पूर्व के वर्षों में हज यात्रा के लिए 900 से 1000 लोग जाते थे। अफसरों का कहना है कि पूर्व में प्रति व्यक्ति करीब तीन लाख रुपये खर्च होते थे लेकिन सब्सिडी खत्म होने के बाद करीब सवा लाख रुपये का अतिरिक्त भार बढ़ गया है। कई परिवार से एक से अधिक लोग हज यात्रा पर जाते रहे। ऐसे में उन पर आर्थिक बोझ और बढ़ जाएगा। इसके अलावा कोविड संक्रमण का खतरा अभी बना है। साथ ही यूक्रेन पर हमले की वजह से फ्लाइटें निरस्त होने लगी हैं। इससे अनिश्चितता का माहौल है। इसकी वजह से भी लोग आगे नहीं आ रहे। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के उप निदेशक जगमोहन का कहना है कि इस वर्ष करीब 300 लोगों ने ही हज यात्रा के लिए आवेदन किया है। ब्यूरो
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अनिश्चितता के बीच सब्सिडी खत्म करने को माना जा रहा प्रमुख कारण
प्रयागराज। हज यात्रा के आवेदकों की संख्या एक तिहाई से भी कम हो गई है। इसके पीछे सब्सिडी खत्म होेने से आर्थिक बोझ बढ़ने को प्रमुख कारण माना जा रहा है।
पूर्व के वर्षों में हज यात्रा के लिए 900 से 1000 लोग जाते थे। अफसरों का कहना है कि पूर्व में प्रति व्यक्ति करीब तीन लाख रुपये खर्च होते थे लेकिन सब्सिडी खत्म होने के बाद करीब सवा लाख रुपये का अतिरिक्त भार बढ़ गया है। कई परिवार से एक से अधिक लोग हज यात्रा पर जाते रहे। ऐसे में उन पर आर्थिक बोझ और बढ़ जाएगा। इसके अलावा कोविड संक्रमण का खतरा अभी बना है। साथ ही यूक्रेन पर हमले की वजह से फ्लाइटें निरस्त होने लगी हैं। इससे अनिश्चितता का माहौल है। इसकी वजह से भी लोग आगे नहीं आ रहे। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के उप निदेशक जगमोहन का कहना है कि इस वर्ष करीब 300 लोगों ने ही हज यात्रा के लिए आवेदन किया है। ब्यूरो