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सांसद संजीव बालियान के बयान से वकीलों में उबाल
Mon, 03 Jun 2019 09:21 PM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 03 Jun 2019 09:21 PM IST
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डॉ. संजीव बालियान
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पश्चिमी यूपी में हाईकोर्ट की खंडपीठ बनाने का मुद्दा एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। संांसद संजीव बालियान के एक बयान पर हाईकोर्ट के वकीलों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के एक आपात बैठक सोमवार को बुलाई गई। हालांकि इन दिनों ग्रीष्मावकास चल रहा है इसके बावजूद कार्यकारिणी के सभी पदाधिकारी और अधिवक्ता बैठक में जुटे।
अध्यक्षता कर रहे बार के अध्यक्ष राकेश पांडेय ने कहा कि पश्चिमी यूपी में बेंच के मद्दे का उपयोग सांसद संजीव बालियान सस्ती लोकप्रियता के लिए लंबे समय से करते आ रहे हैं। उनकी इस प्रकार की बयानबाजी से तनाव बढ़ता है और न्यायिक प्रक्रिया में बाधा पहुंचती है। इस प्रकार के गैरजिम्मेदाराना बयान से न्यायपालिका में अराजकता फैलाई जाती है जो आपराधिक अवमानना की श्रेणी में आता है। बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि सांसद बालियान के खिलाफ मुख्य न्यायमूर्ति और राष्ट्रपति को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की जाएगी। इस क्रम में बार के अध्यक्ष और महासचिव ने मुख्य न्यायाधीश को प्रेषित पत्र में उचित कार्रवाई की मांग की है।
बैठक में अखिलेश कुमार मिश्र, अजीत कुमार यादव, सौरभ तिवारी, प्रियदर्शी त्रिपाठी, आशुतोष पांडेय, सर्वेश कुमार दुबे, नीलम शुक्ला, सुरेंद्र नाथ मिश्र, आंचल ओझा, मनीष पांडेय, आशुतोष कुमार मिश्र सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद थे।
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अध्यक्षता कर रहे बार के अध्यक्ष राकेश पांडेय ने कहा कि पश्चिमी यूपी में बेंच के मद्दे का उपयोग सांसद संजीव बालियान सस्ती लोकप्रियता के लिए लंबे समय से करते आ रहे हैं। उनकी इस प्रकार की बयानबाजी से तनाव बढ़ता है और न्यायिक प्रक्रिया में बाधा पहुंचती है। इस प्रकार के गैरजिम्मेदाराना बयान से न्यायपालिका में अराजकता फैलाई जाती है जो आपराधिक अवमानना की श्रेणी में आता है। बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि सांसद बालियान के खिलाफ मुख्य न्यायमूर्ति और राष्ट्रपति को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की जाएगी। इस क्रम में बार के अध्यक्ष और महासचिव ने मुख्य न्यायाधीश को प्रेषित पत्र में उचित कार्रवाई की मांग की है।
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बैठक में अखिलेश कुमार मिश्र, अजीत कुमार यादव, सौरभ तिवारी, प्रियदर्शी त्रिपाठी, आशुतोष पांडेय, सर्वेश कुमार दुबे, नीलम शुक्ला, सुरेंद्र नाथ मिश्र, आंचल ओझा, मनीष पांडेय, आशुतोष कुमार मिश्र सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद थे।
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