जेल वार्डर हत्याकांड: बेटे ने बंदीरक्षक के खिलाफ दर्ज कराया मुकदमा, 4 हिरासत में
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जिला जेल के प्रधान बंदीरक्षक हरिनारायण त्रिवेदी की गोली मारकर हत्या करने के मामले में मृतक के बेटे ने जेल के बंदीरक्षक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। बेटे का आरोप है कि उसके साथ हरिनारायण का विवाद हुआ था और उसने देख लेने की धमकी दी थी। वहीं पुलिस हत्यारों की तलाश में गुरुवार रात दबिश देती रही, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला। संदेह के आधार पर पुलिस ने चार बदमाशों को हिरासत में लिया है।
गुरुवार शाम शहर में दुस्साहस का परिचय देते हुए बाइक सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने सब्जी खरीद रहे प्रधान बंदीरक्षक लखनऊ के निगोहां थाना क्षेत्र के पुरहिया गांव निवासी हरिनारायण त्रिवेदी (56) पुत्र स्व. उमाशंकर त्रिवेदी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना के बाद गुरुवार रात दस बजे से साढ़े बारह बजे तक आईजी, एसपी के साथ ही एसटीएफ और कई थानों की फोर्स ने जेल के एक-एक बैरक को खंगाल डाला। इस दौरान बैरकों में कुछ आपत्तिजनक सामान मिला, लेकिन हत्यारों के बारे में कोई सुराग नहीं मिल सका। पुलिस ने कुछ दिनों पहले जेल से जमानत पर छूटे चार बदमाशों को उठाया है। उनसे पूछताछ की जा रही है।
प्रधान बंदीरक्षक हरिनारायण त्रिवेदी की हत्या के मामले में डिप्टी जेलर अवधेश कुमार राय ने जहां दो अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है, वहीं प्रधान बंदी रक्षक के पुत्र प्रेमशंकर द्विवेदी ने शुक्रवार को जेल के बंदीरक्षक संतलाल मिश्रा पर हत्या कराने का संदेह जताते हुए तहरीर दी। बेटे का आरोप है कि जेल के बंदीरक्षक संतलाल मिश्र से ड्यूटी लगाने को लेकर उसके पिता का विवाद हुआ था। जिसके बारे में पिता ने परिवार के लोगों को इसकी जानकारी दी थी। उसने हत्या कराने की धमकी भी दी थी। नगर कोतवाल ने बताया कि बंदीरक्षक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच की जा रही है।
पुलिस जल्द घटना का खुलासा करेगी- एसपी
इस मामले में प्रतापगढ़ एसपी एस आनंद का कहना है कि, जेल के प्रधान बंदीरक्षक के हत्यारोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस टीमें लगी हुई हैं। छापामारी चल रही है। कुछ लोग हिरासत में लिए गए हैं। पुलिस जल्द घटना का खुलासा करेगी।
प्रेमकुमार ने बताया कि उनके पिता की हत्या जेल प्रशासन व बंदियों की मिलीभगत से हुई है। पहले भी उनकी हत्या की कोशिश की जा चुकी थी। प्रेम के मुताबिक, ड्यूटी के दौरान पिता नियम व कानून के बहुत ही सख्त थे। बंदियों से मुलाकात के दौरान आपत्तिजनक व प्रतिबंधित वस्तुओं को जेल में वर्जित सामान जैसे मोबाइल आदि किसी को भी नही ले जाने देते थे। इसके कारण कुछ लोग उनसे चिढ़े रहते थे। इसी वजह से उनकी हत्या हुई है।
जेलरोड क्रासिंग के पास प्रधान बंदीरक्षक की हत्या कर भागते समय दोनों आरोपी एक अस्पताल के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए। एसपी ने घटना की फुटेज सोशल मीडिया पर डाल दी। उन्होंने कहा है कि हत्यारोपियों के बारे में सुराग देते हुए उन्हें पकड़वाने में पुलिस की मदद करने वाले को 50 हजार रुपये का ईनाम दिया जाएगा। उसका नाम भी गुप्त रखा जाएगा।