RPNLU : नए जमाने का कानून पढ़ेंगे विधि विश्वविद्यालय के छात्र, रोजगार के लिए पैदा करेंगे नए अवसर
कुलपति प्रो.उषा टंडन के अनुसार पारंपरिक के साथ विश्वविद्यालय में ऐसे पाठ्यक्रम भी पढ़ाए जाएंगे जो उभरते कानूनी परिदृश्य को पूरा करते हैं। प्रौद्योगिकी कानून के अलावा, अन्य पाठ्यक्रमों में पर्यावरण कानून, उद्योग में बौद्धिक संपदा अधिकारों को कवर करने वाला मनोरंजन एवं मीडिया कानून आदि विषयों को पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है।
विस्तार
डॉ.राजेंद्र प्रसाद राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (आरपीएनएलयू) का शुक्रवार को औपचारिक उद्घाटन होने के साथ ही यह विश्वविद्यालय पूरी तरह से गतिशील हो जाएगा। सबसे पहले बीएएलएलबी की पढ़ाई शुरू होगी, जिसके लिए प्रवेश की प्रक्रिया चल रही है। पारंपरारिक पाठ्यक्रमों के साथ इस विश्वविद्यालय में छात्रों को नए जमाने के कानून से जुड़े नए पाठ्यक्रम पढ़ाए जाएंगे, जो छात्राें के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करेंगे।
कुलपति प्रो.उषा टंडन के अनुसार पारंपरिक के साथ विश्वविद्यालय में ऐसे पाठ्यक्रम भी पढ़ाए जाएंगे जो उभरते कानूनी परिदृश्य को पूरा करते हैं। प्रौद्योगिकी कानून के अलावा, अन्य पाठ्यक्रमों में पर्यावरण कानून, उद्योग में बौद्धिक संपदा अधिकारों को कवर करने वाला मनोरंजन एवं मीडिया कानून, देखभाल और जैव नैतिकता कानून, वैश्विक अधिकारों के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने वाला अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून, खेल कानून आदि शामिल हैं।
यह पाठ्यक्रम छात्रों को विशिष्ट कानूनी क्षेत्रों में रोजगार के विशेष अवसर प्रदान करते हैं। विधि विवि में विशेष अनुसंधान केंद्र स्थापित करने सहित तकनीकी और कानूनी व्यवसायों के विशेषज्ञों को आमंत्रित किया जाएगा। व्यावहारिक अनुप्रयोग सुनिश्चित करने के लिए इंटर्नशिप या कार्यशालाओं के माध्यम से व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
फिलहाल विश्वविद्यालय को सबसे पहले बीएएलएलबी का पाठ्यक्रम शुरू करना है। शिक्षकों एवं कर्मचारियों की भर्ती करनी है और संकाय विशेषज्ञता को बढ़ाना है। विश्वविद्यालय में एक समृद्ध पुस्तकालय और बुनियादी ढांचे का विस्तार भी इसकी प्राथमिकता में शामिल है। विश्वविद्यालय का लक्ष्य कानूनी संस्थानों के साथ सहयोग को बढ़ावा देना भी है। विश्वविद्यालय स्थानीय समुदायों के साथ साझेदारी शुरू करने पर भी विचार कर रहा है।
संस्थान छात्रों को मूट कोर्ट,मॉक ट्रायल, मध्यस्थता और अन्य माध्यमों से सैद्धांतिक ज्ञान को लागू करने के लिए व्यावहारिक अवसर भी देगा। अनुभवात्मक शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए कानूनी शिक्षा पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। यह अनुभव व्यावहारिक कौशल, आलोचनात्मक सोच और नैतिक निर्णय लेने की क्षमता विकसित करते हैं।
इससे छात्रों को वास्तविक दुनिया की कानूनी चुनौतियों का सामना करने में मदद मिलती है। इसके अलावा विधि विश्वविद्यालय में एक इनक्यूबेशन सेंटर की स्थापना की जाएगी, ताकि छात्र स्टार्टअप के लिए आगे बढ़ सकें। इसके तहत युवा कानूनी एप, कानूनी उत्पाद, कानूनी परामर्श आदि के साथ आगे बढ़ सकते हैं। सबसे महत्वपूर्ण यह कि शीर्ष स्तरीय कानून फर्मों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों में छात्रों की भर्ती भी विश्वविद्यालय की प्राथमिकता है।