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इलाहाबाद विश्वविद्यालय हॉस्टल के लिए देर रात तक हंगामा, आठ छात्र गिरफ्तार
Sat, 17 Oct 2020 03:56 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 17 Oct 2020 03:56 PM IST
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धरने पर बैठे छात्र
- फोटो : अमर उजाला
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में गर्ल्स हॉस्टल खुलवाने की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को देर रात हंगामा हो गया। 12 घंटे तक धरने पर बैठे छात्र-छात्राएं देर रात कुलपति की सरकारी गाड़ी के सामने लेट गए और उन्हें घर जाने से रोक दिया। हंगामा बढने पर मौके पर मौजूद पुलिस फोर्स ने पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह समेत आठ छात्र-छात्राओं को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद कुलपति वहां से निकल सके। 12 घंटे तक चले हंगामे के दौरान कुलपति प्रो. आरआर तिवारी बंधक जैसी स्थिति में रहे। उनके साथ चीफ प्रॉक्टर, रजिस्ट्रार, वित्त अधिकारी, डीएसडब्ल्यू और सुरक्षा अधिकारी भी फंसे रहे।
बृहस्पतिवार को अपने घरों से प्रयागराज लौटीं आठ छात्राएं गर्ल्स हॉस्टल में रहने की अनुमति मांगने के लिए पहले डीएसडब्ल्यू कार्यालय पहुंचीं और जब वहां सुनवाई नहीं मिली तो कुलपति कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गईं। इस दौरान तमाम छात्र भी पहुंच गए। वहां कुलपति की सरकारी गाड़ी भी खड़ी थी। कई छात्र गाड़ी के सामने रास्ता रोककर बैठ गए। जिसके बाद दिनभर छात्र-छात्राओं को मनाने का दौर चलता रहा। चीफ प्रॉक्टर प्रो. आरके उपाध्याय एवं अन्य अफसरों ने कई दौर में छात्रों से वार्ता की। इविवि प्रशासन की ओर से यह प्रस्ताव भी रखा गया कि छात्राओं के ठहरने की व्यवस्था विश्वविद्यालय के गेस्ट हाउस में कर दी जाएगी, लेकिन सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए छात्राओं ने वहां जाने से इनकार कर दिया।
छात्राओं का कहना था कि लॉकडाउन से पूर्व वे हॉस्टलों में रह रहीं थी। सभी छात्राएं प्रयागराज के बाहर अन्य जिलों से लौटीं हैं। ऐसे में वे कहां जाएंगी। वहीं, इविवि प्रशासन की ओर से लगातार यही कहा जा रहा था कि कोविड-19 के मद्देनजर हॉस्टल में रहने की अनुमति किसी भी सूरत में नहीं जाएगी। शिक्षा मंत्रालय ने केवल विज्ञान वर्ग के रिसर्च के छात्रों को शोध कार्यों के लिए प्रयोगशाला में आने की अनुमति दी है, ऐसे में बाकी छात्रों को हॉस्टल नहीं मिल सकता है।
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दोनों तरफ से रात 10 बजे तक कभी बहस तो कभी तीखी नोकझोंक होती रही। हंगामे की आशंका को देखते हुए मौके पर बड़ी संख्या में फोर्स तैनात कर दी गई। इसके बाद कुलपति अपनी गाड़ी में बैठे, लेकिन छात्र-छात्राएं गाड़ी के सामने लेट गए। पुलिस ने ऋचा सिंह, छात्र नेता सत्यम कुशवाहा, शरद शंकर, अनीश यादव एवं पांच अन्य छात्राओं को गिरफ्तार कर लिया। लाठियां पटकर बाकी छात्र-छात्राओं को दौड़ा लिया, जिसके बाद कुलपति वहां से निकल गए।
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बृहस्पतिवार को अपने घरों से प्रयागराज लौटीं आठ छात्राएं गर्ल्स हॉस्टल में रहने की अनुमति मांगने के लिए पहले डीएसडब्ल्यू कार्यालय पहुंचीं और जब वहां सुनवाई नहीं मिली तो कुलपति कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गईं। इस दौरान तमाम छात्र भी पहुंच गए। वहां कुलपति की सरकारी गाड़ी भी खड़ी थी। कई छात्र गाड़ी के सामने रास्ता रोककर बैठ गए। जिसके बाद दिनभर छात्र-छात्राओं को मनाने का दौर चलता रहा। चीफ प्रॉक्टर प्रो. आरके उपाध्याय एवं अन्य अफसरों ने कई दौर में छात्रों से वार्ता की। इविवि प्रशासन की ओर से यह प्रस्ताव भी रखा गया कि छात्राओं के ठहरने की व्यवस्था विश्वविद्यालय के गेस्ट हाउस में कर दी जाएगी, लेकिन सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए छात्राओं ने वहां जाने से इनकार कर दिया।
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छात्राओं का कहना था कि लॉकडाउन से पूर्व वे हॉस्टलों में रह रहीं थी। सभी छात्राएं प्रयागराज के बाहर अन्य जिलों से लौटीं हैं। ऐसे में वे कहां जाएंगी। वहीं, इविवि प्रशासन की ओर से लगातार यही कहा जा रहा था कि कोविड-19 के मद्देनजर हॉस्टल में रहने की अनुमति किसी भी सूरत में नहीं जाएगी। शिक्षा मंत्रालय ने केवल विज्ञान वर्ग के रिसर्च के छात्रों को शोध कार्यों के लिए प्रयोगशाला में आने की अनुमति दी है, ऐसे में बाकी छात्रों को हॉस्टल नहीं मिल सकता है।
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दोनों तरफ से रात 10 बजे तक कभी बहस तो कभी तीखी नोकझोंक होती रही। हंगामे की आशंका को देखते हुए मौके पर बड़ी संख्या में फोर्स तैनात कर दी गई। इसके बाद कुलपति अपनी गाड़ी में बैठे, लेकिन छात्र-छात्राएं गाड़ी के सामने लेट गए। पुलिस ने ऋचा सिंह, छात्र नेता सत्यम कुशवाहा, शरद शंकर, अनीश यादव एवं पांच अन्य छात्राओं को गिरफ्तार कर लिया। लाठियां पटकर बाकी छात्र-छात्राओं को दौड़ा लिया, जिसके बाद कुलपति वहां से निकल गए।
मंत्रालय तक पहुंचा मामला
हॉस्टल का मामला केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय तक पहुंच गया है। दोपहर तक कई बार हुई वार्ता के बाद भी छात्र-छात्राएं जब धरना समाप्त करने को तैयार नहीं हुए तो इविवि प्रशासन की ओर से मंत्रालय को पत्र भेजकर स्थिति से अवगत कराया गया। साथ ही पूछा गया कि इन परिस्थितियों में क्या किया जाए। मंत्रालय से हॉस्टल खोलने या न खोलने पर भी दिशा-निर्देश मांगे गए। हालांकि मंत्रालय की तरफ से देर रात तक कोई जवाब नहीं आया।पुलिस हिरासत में बिगड़ी छात्रा की तबीयत
धरने पर बैठे छात्र-छात्राओं की गिरफ्तारी के बाद जब उन्हें पुलिस वाहन में बैठाया गया तो शिवानी नाम की एक छात्रा की तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गई। आननफानन में उसे कॉल्विन अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज हुआ।देर रात कैंप में हुई भगदड़
कुलपति की गाड़ी के सामने बैठे छात्र-छात्राओं को उठाने के लिए जैसे ही पुलिस ने लाठियां पटकनी शुरू कीं, वहां भगदड़ मच गई। धरने के दौरान वहां कुछ हॉस्टलों में रह रहे छात्र भी पहुंच गए थे। पुलिस की सख्ती के बाद छात्र इधर-उधर भागने लगे। पुलिस ने काफी दूर तक छात्रों को दौड़ाया- ‘कोविड-19 पर केंद्र सरकार की ओर से जो गाइड लाइन जारी की गई है, उसके मुताबिक छात्र-छात्राओं को हॉस्टल में रहने की अनुमति नहीं दी सकती है। ब्वॉयज हॉस्टल में कुछ छात्र अवैध रूप से रह रहे हैं, उन्हें चिह्नित किया गया है और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।’ प्रो. आरके उपाध्याय, चीफ प्रॉक्टर, इविवि