{"_id":"60fafb458ebc3e586170f359","slug":"land-barrier-will-be-removed-in-the-construction-of-ganga-expressway","type":"story","status":"publish","title_hn":"गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण में जमीन की बाधा होगी दूर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण में जमीन की बाधा होगी दूर
Sat, 24 Jul 2021 08:57 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 24 Jul 2021 08:57 AM IST
सार
- विवादित 18.67 हेक्टेयर से अधिक जमीन के अधिग्रहण के लिए नोटिस जारी
विज्ञापन
गंगा एक्सप्रेसवे
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण में जमीन की बाधा अब दूर होने जा रही है। सोरांव में 18.67 हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए नोटिस भी जारी कर दिया गया है।
गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना के अंतर्गत प्रयागराज से मेरठ के बीच छह लेन सड़क का निर्माण होना है। प्रयागराज के सोरांव तहसील में करीब 180 हेक्टेयर जमीन इसकी जद में आएगी। इसमें से करीब 158 हेक्टेयर जमीन का बैनामा योजना के नाम हो चुका है। शेष भूखंड के बैनामे की प्रक्रिया अंतिम चरण में है लेकिन 18.677 हेक्टेयर भूखंड को लेकर गतिरोध है। यह जमीन सोरांव के 20 गांवों में है। इसमें से सबसे अधिक 3.4337 हेक्टेयर जमीन पूरबनारा गांव में हैं। शेष जमीन 19 अन्य गांवों में है, जिसे लेकर गतिरोध बना हुआ है।
इसके बड़े भूभाग को लेकर काश्तकारों के बीच विवाद है। कई मामले न्यायालय में भी है। इसके अलावा कई काश्तकार जिले में नहीं हैं या उन्हें मुआवजे की राशि पर आपत्ति है। ऐसे में सड़क का निर्माण प्रभावित न हो, इसके लिए इन भूखंडों के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एडीएम वित्त एवं राजस्व एमपी सिंह ने बताया कि अधिग्रहण के लिए नोटिस जारी कर दिया गया है। निर्धारित दर पर जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। विवादित भूखंडों के मुआवजे की राशि न्यायालय में जमा की जाएगी।
विज्ञापन
अधिग्रहण के लिए नामित होगी संस्था
जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चयनित संस्था की मदद से पूरी की जाएगी। संस्था का चयन जिला प्रशासन की ओर से किया जाएगा। संस्था के प्रतिनिधि काश्तकारों से संपर्क कर अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी करेंगे।
विज्ञापन
गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना के अंतर्गत प्रयागराज से मेरठ के बीच छह लेन सड़क का निर्माण होना है। प्रयागराज के सोरांव तहसील में करीब 180 हेक्टेयर जमीन इसकी जद में आएगी। इसमें से करीब 158 हेक्टेयर जमीन का बैनामा योजना के नाम हो चुका है। शेष भूखंड के बैनामे की प्रक्रिया अंतिम चरण में है लेकिन 18.677 हेक्टेयर भूखंड को लेकर गतिरोध है। यह जमीन सोरांव के 20 गांवों में है। इसमें से सबसे अधिक 3.4337 हेक्टेयर जमीन पूरबनारा गांव में हैं। शेष जमीन 19 अन्य गांवों में है, जिसे लेकर गतिरोध बना हुआ है।
विज्ञापन
इसके बड़े भूभाग को लेकर काश्तकारों के बीच विवाद है। कई मामले न्यायालय में भी है। इसके अलावा कई काश्तकार जिले में नहीं हैं या उन्हें मुआवजे की राशि पर आपत्ति है। ऐसे में सड़क का निर्माण प्रभावित न हो, इसके लिए इन भूखंडों के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एडीएम वित्त एवं राजस्व एमपी सिंह ने बताया कि अधिग्रहण के लिए नोटिस जारी कर दिया गया है। निर्धारित दर पर जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। विवादित भूखंडों के मुआवजे की राशि न्यायालय में जमा की जाएगी।
विज्ञापन
अधिग्रहण के लिए नामित होगी संस्था
जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चयनित संस्था की मदद से पूरी की जाएगी। संस्था का चयन जिला प्रशासन की ओर से किया जाएगा। संस्था के प्रतिनिधि काश्तकारों से संपर्क कर अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी करेंगे।