Prayagraj : ललित मोहन की दुकान थी निशाने पर, नाकाम रहने पर लूट ली भाई की दुकान
बदमाश अपाचे बाइक पर सवार होकर पहले सीधे ललितमोहन की दुकान पर पहुंचे। भीतर घुसते ही उन्होंने ऑफिस में बैठे व्यापारी के बेटे अभिनव पर असलहा तान दिया और काउंटर खोलने को कहा। उस वक्त काउंटर में सिर्फ पांच हजार रुपये थे जिसे देखकर बदमाश उन्हें गालियां देने लगे।
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कटरा में सरिया की दो थोक दुकानों से लूट करने वाले बदमाशों के निशाने पर व्यापारी ललितमोहन गुप्ता की दुकान थी। दुकान में भारी मात्रा में नकदी होने की सटीक मुखबिरी पर वह पहुंचे थे। हालांकि वहां पांच हजार रुपये ही मिलने पर उन्होंने उनके भाई की दुकान लूट ली।
सूत्रों का कहना है कि बदमाश अपाचे बाइक पर सवार होकर पहले सीधे ललितमोहन की दुकान पर पहुंचे। भीतर घुसते ही उन्होंने ऑफिस में बैठे व्यापारी के बेटे अभिनव पर असलहा तान दिया और काउंटर खोलने को कहा। उस वक्त काउंटर में सिर्फ पांच हजार रुपये थे जिसे देखकर बदमाश उन्हें गालियां देने लगे। इसके बाद पांच हजार रुपये समेटकर वह बाहर निकले और बाइक के पास खड़े तीसरे साथी से चलने को कहा। साथ ही उससे यह भी बताया कि सिर्फ पांच हजार रुपये ही मिले।
इस पर तीसरे साथी ने बगल स्थित व्यापारी के भाई की दुकान की ओर उंगली से इशारा किया। इसके बाद ही दोनों बदमाश वहां पहुंचे और नकदी लूटकर भाग निकले। मौके पर पहुंचे पुलिस अफसरों ने पूछताछ शुरू की तो इसका खुलासा हुआ। अभिनव ने बताया कि बदमाशों के आने से कुछ मिनट पहले तक उसकी दुकान पर बिक्री का नौ लाख रुपये था। किस्मत अच्छी थी कि इसे उसने अपने घर भेजवा दिया था।
कर्मचारी शक के घेरे में
बदमाशों ने घटना को जिस तरह से अंजाम दिया, उससे पुलिस का मानना है कि इसे सटीक मुखबिरी पर अंजाम दिया गया। भुक्तभोगियों से पूछताछ के बाद यह भी तय माना जा रहा है कि मुखबिरी व्यापारी ललितमोहन की दुकान पर लूट के लिए ही की गई थी। जिसने भी मुखबिरी की, उसे अच्छी तरह से मालूम था कि दुकान पर इस समय अच्छी खासी रकम मौजूद रहती है। ऐसे में कर्मचारी भी शक के रडार पर हैं। पुलिस दोनों दुकानों के कई कर्मचारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ में जुटी रही।
म्योहाल की ओर भागे बदमाश
सीसीटीवी फुटेज की जांच पड़ताल में यह बात सामने आई है कि वारदात के बाद लुटेरे म्योहाल की ओर भागे। यह भी पता चला है कि इससे पहले वह मनमोहन पार्क चौराहे की ओर से दुकान पर आए थे।
स्थानीय थे बदमाश, इसलिए ढक रखा था चेहरा
सूत्रों का कहना है कि लुटेरों ने जिस तरह से वारदात की, उससे इस बात की पूरी आशंका है कि वह स्थानीय रहे हों। दरअसल तीनों बदमाशों ने अपना चेहरा नकाब से ढंक रखा था। सूत्रों का कहना है कि इससे पता चलता है कि उन्हें अपने पहचाने जाने का डर था। यह उसी दशा में संभव है जबकि बदमाश स्थानीय हों। पुलिस फुटेज के सहारे बदमाशों की तलाश में जुटी है।