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चयन बोर्ड की निष्क्रियता से विद्यालयों में शिक्षकों की कमी
Tue, 26 Mar 2019 01:20 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला ब्यूरो,प्रयागराज
अमर उजाला ब्यूरो,प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 26 Mar 2019 01:20 AM IST
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प्रदेश सरकार की ओर से सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों से संबद्घ प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति का काम उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड को सौपे जाने के बाद उत्तर प्रदेश विद्यालय प्रबंधक महासभा मुखर हो उठा है। महासभा का कहना है कि प्रदेश भर में विद्यालयों में शिक्षकों की कमी के चलते पठन-पठन बाधित हो रहा है। चयन बोर्ड में चयन के बाद भी नियुक्ति प्रक्रिया ठप होने के चलते शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
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उत्तर प्रदेश विद्यालय प्रबंधक महासभा ने यह आरोप सोमवार को पत्रकार वार्ता के दौरान लगाए। संघ के अध्यक्ष सूर्य नारायण मणि त्रिपाठी ने कहा अनुदानित विद्यालयों में लिपिकों के बड़ी संख्या में पद खाली होने के बाद भी नियुक्ति की आज्ञा नहीं दी जा रही है, इससे कार्यालयी कार्य प्रभावित हो रहा है। संघ के अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की नियुक्ति में आऊट सोर्सिंग को न्यायालय की ओर अवैधानिक घोषित किए जाने के बाद भी नियुक्ति की आज्ञा नहीं दिए जाने से विद्यालयों में साफ-सफाई का काम प्रभावित हो रहा है। अल्पसंख्क विद्यालयों में नियुक्ति प्रक्रिया में बाधा खड़ी करने से परेशानी हो रही है। प्रबंधक महासभा ने कहा कि सरकार शिक्षक भर्ती में लगी अड़चन दूर करे। पत्रकार वार्ता में कायकारी अध्यक्ष राज बहादुर सिंह, हरिश्चंद्र सिंह, तेजपाल सिंह सहित बड़ी संख्या में प्रबंधक मौजूद रहे।
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