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राम मंदिर निर्माण के लिए संत के शिविर में पहुंचने लगी शिलाएं, रामाग्रही सविनय आंदोलन की तैयारी शुरू

Sat, 02 Feb 2019 08:53 PM IST
vivek shukla न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: vivek shukla Updated Sat, 02 Feb 2019 08:53 PM IST
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kumbh 2019: Rocks reaching for Ram temple in kumbh mela prayagraj
प्रत्येक शिला का किया जा रहा नामकरण

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए शिलान्यास की घोषणा करने वाले शंकराचार्य स्वरूपानंद के शिविर में शिलापूजन का काम शुरू हो गया है। जगह-जगह से श्रद्धालु शिलाएं भी लेकर आ रहे हैं। शिलान्यास के इस कार्यक्रम को रामाग्रही सविनय आंदोलन नाम दिया गया है।

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शनिवार को स्वरूपानंद के शिष्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने शिविर में रखी गई मंदिर निर्माण से जुड़ी शिलाओं को दिखाते हुए बताया कि इन शिलाओं का नामकरण भी कर दिया गया। उन्होंने अपने पास भी सात शिलाएं रखी हुई हैं। इनका नामकरण करने के बाद इन्हें वहां से कहीं और रख दिया जाता है। कुछ शिलाओं का नाम नंदा, भद्रा, जया और पूर्णा रखा गया है। इसी तरह बाकी शिलाओं का भी नामकरण किया जा रहा है।
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अविमुक्तेश्वरानंद ने बताया कि अयोध्या में शिलान्यास करने की योजना पर रोजाना काम चल रहा है। पहले शंकराचार्य शिलाएं लेकर अयोध्या के लिए कूच करेंगे, उनके पीछे-पीछे शिष्य और भक्तों की टीम चलेगी। उनका कहना है कि यदि सरकार उन्हें अपने इस काम के लिए रोकती है तो वह बिना किसी विरोध के आगे बढ़ेंगे, यदि उन पर लाठी या गोली चलाई जाती है तो इसके लिए भी उनकी पूरी तैयारी है।

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21 से रोजाना शिष्यों का जत्था शिलाएं लेकर बढ़ता रहेगा आगे

21 से रोजाना शिष्यों का जत्था शिलाएं लेकर आगे बढ़ता रहेगा। यदि उन पर किसी भी तरह का हमला होता है, यदि कोई घायल होता है तो उनकी जगह दूसरे शिष्य शिलान्यास करने के लिए आगे बढ़ेंगे। शनिवार को उनके शिविर में दिल्ली से महिलाओं की एक टीम भी पहुंंची, उसने भी शंकराचार्य के इस अभियान में साथ चलने की हामी भरी।

अविमुक्तेश्वरानंद ने बताया कि रामाग्रही सविनय आंदोलन महात्मा गांधी की तरह से श्ुारू किए सविनय अवज्ञा आंदोलन की तरह है। राम के भक्त शिलान्यास के लिए आग्रह करते चलेंगे। इस आंदोलन की शर्त यह है कि कोई पीछे नहीं हटेगा।

 
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