{"_id":"5c4ddb17bdec227370400244","slug":"kumbh-2019-political-strategy-start-in-kumbh-mela-prayagraj","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"कुंभ 2019: अध्यात्मिक नगरी में सियासी आशीर्वाद, जुट रही है भाजपा के मंत्रियों और विपक्षियों की भीड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कुंभ 2019: अध्यात्मिक नगरी में सियासी आशीर्वाद, जुट रही है भाजपा के मंत्रियों और विपक्षियों की भीड़
Sun, 27 Jan 2019 10:56 PM IST
देव कश्यप
नागेंद्र पाल, अमर उजाला, प्रयागराज
नागेंद्र पाल, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: देव कश्यप
Updated Sun, 27 Jan 2019 10:56 PM IST
विज्ञापन
kumbh
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अध्यात्म की नगरी में सियासी आशीर्वाद देने की परंपरा शुरू हो गई है। यहां पर राजनीति लाभ के लिए अध्यात्म के अखाड़े में सत्ता पक्ष और विपक्ष नेताओं की कड़ी जुड़ने लगी है। राजनेताओं के साथ बैठक कर राजनीति दिशा को साधा जाने लगा है। जिसकी शुरुआत भाजपा के मंत्री और विधायक ने मेला के आरंभ होते ही कर दी थी। अब विपक्ष भी पीछे नहीं है। सपा-कांग्रेस से जुड़े राजनीति दल संतों महंतों का आशीर्वाद लेने में जुट गए हैं।
विज्ञापन
कुंभ 2019 से लोकसभा चुनाव को साधने का मंत्र भाजपा ने पहले ही गढ़ लिया था। इस चरितार्थ करने के लिए दिव्य कुंभ और भव्य कुंभ का नाम दिया गया। बकायदे इसकी आड़ में प्रोजेक्टर और होर्डिंग्स मोदी-योगी मेला में छाए हैं। इसमें भाजपा के नेताओं के आने का सिलसिला शुरु हो गया। जो थमा नहीं और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के साथ इसका आगाज हो गया। इसी क्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहलाल खट्टर, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत सहित कैबिनेट मंत्रियों के आने-जाने का तांता लगा हुआ है।
विज्ञापन
जिसमें विदेश मंत्री वीके सिंह, कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता, श्रीमती रीता बहुगुणा जोशी, नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य सहित भाजपा के बड़े मंत्री व्यवस्था के नाम पर अखाड़ों के महंतोंं का आशीर्वाद लेते रहे हैं। इनका जमावड़ा कभी धर्मसंसद में शामिल होने के नाम पर हो रहा या फिर मां गंगा मैया दर्शन नाम पर हो रहा है। इसमें अधिकतर सिर्फ मां गंगा का आचमन कर महंतों के अखाड़ों शिविरों में जाकर लंबा समय बीता रहे हैं।
विज्ञापन
भाजपा के प्रबल समर्थक माने जाने वाले योगगुरु बाबा रामदेव ने भी अपना कुंभ नगरी में पैठ जमा ली है। माना जा रहा है चाणक्य गुरू के नाम से जाने-जाने वाले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का भी आगामी दिनों में आगमन होने वाला है। भगवाधारियों की इस आशीर्वाद शैली का मार्ग विपक्षियों ने भी अपना लिया है। जिसकी शुरुआत समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने निरंजनी अखाड़े के प्रमुख स्वामी नरेन्द्र गिरि महाराज के आशीर्वाद से कर दिया है। वे अपने लाव-लश्कर के साथ संगम पहुंचे और मांग गंगे का दर्शन किया।
इसके बाद अपने विधायकों व समर्थकों के साथ स्वामी नरेन्द्र गिरि जी महाराज के अखाड़े में सीधे पहुंचे और करीब आधा घंटे स्वामी जी के साथ मंच पर रहे। हल्की गुफ्तगू कर नाश्ते के लिए महाराज जी के साथ भीतर गए और करीब एक घंटे बातचीत कर लौट गए। इसके बाद कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा संगम दर्शन के लिए कार्यक्रम बना लिया है। इसे भी इसी आइने से देखा जा रहा है।
अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष स्वामी नरेन्द्र गिरि कुंभ राजनेताओं के जमवाड़े केन्द्र बनता जा रहा है। इस नगरी अभी तक भाजपा और उसके मंत्रियों के बोल अध्यात्म नगर में सुने जाते रहे हैं। अब विपक्षी की अपने बोल मुखर करने लगे हैं। वे भी अपने-अपने शंकराचार्यो, महात्माओं और महंतों के यहां बैठकर राजनीति का आशीर्वाद लेने में जुटे हैं।
इसके बाद अपने विधायकों व समर्थकों के साथ स्वामी नरेन्द्र गिरि जी महाराज के अखाड़े में सीधे पहुंचे और करीब आधा घंटे स्वामी जी के साथ मंच पर रहे। हल्की गुफ्तगू कर नाश्ते के लिए महाराज जी के साथ भीतर गए और करीब एक घंटे बातचीत कर लौट गए। इसके बाद कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा संगम दर्शन के लिए कार्यक्रम बना लिया है। इसे भी इसी आइने से देखा जा रहा है।
अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष स्वामी नरेन्द्र गिरि कुंभ राजनेताओं के जमवाड़े केन्द्र बनता जा रहा है। इस नगरी अभी तक भाजपा और उसके मंत्रियों के बोल अध्यात्म नगर में सुने जाते रहे हैं। अब विपक्षी की अपने बोल मुखर करने लगे हैं। वे भी अपने-अपने शंकराचार्यो, महात्माओं और महंतों के यहां बैठकर राजनीति का आशीर्वाद लेने में जुटे हैं।