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कुंभ 2019: पंचदशनाम जूना का कुनबा और बढ़ा ,अब दंडी भी आए अखाड़े के साथ
Mon, 18 Feb 2019 03:20 PM IST
देव कश्यप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: देव कश्यप
Updated Mon, 18 Feb 2019 03:20 PM IST
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Kumbh 2019
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रविवार को अखिल भारतीय दंडी प्रबंधन समिति भी जूना अखाड़े के साथ आ गया। इसके तहत कुंभ, अर्द्धकुंभ मेले के शाही स्नान में अब जूना अखाड़े के साथ दंडी संन्यासी भी डुबकी लगाएंगे। शाही शोभायात्रा में शंकराचार्य और जूना के आचार्य महामंडलेश्वर के पीछे दंडी संन्यासियों के पदाधिकारियों के रथ चलेंगे।
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रविवार को जूना अखाड़े के श्रीमहंतों और दंडी संन्यासी प्रबंधन समिति के पदाधिकारियों के बीच इस आशय का लिखित समझौता हुआ। इतना ही नहीं भविष्य में होने वाले कुंभ, अर्द्धकुंभ मेलों में दंडी संन्यासियों को जूना अखाड़े के पास ही बसाया जाएगा जिससे शाही स्नान और समष्टि भंडारे सहित उनके अन्य कार्यक्रमों में दंडियों की मौजूदगी सुनिश्चित हो सके। हालांकि दोनों ही संगठन अपने स्वतंत्र अस्तित्व के साथ काम करेंगे। लेकिन, कुंभ, अर्द्धकुंभ मेलों सहित नवरात्रि, गुप्त नवरात्रि, महाशिवरात्रि, रामनवमी, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी सहित देश में अन्य पर्वों पर होने वाले कार्यक्रमों में साथ रहेंगे।
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दंडी संन्यासी प्रबंधन समिति के महामंत्री स्वामी ब्रह्माश्रम ने बताया कि दंडी समाज से यदि कोई जूना अखाड़े में जाना चाहता है तो दंड का त्याग करके अखाड़े की परंपरा अपनाते हुए जा सकता है। इसी तरह अखाड़े से भी कोई संत, दंडी समाज के नियमों का पालन करते हुए समाज का अंग बन सकता है। वस्तुत: दंडी समाज में ब्राह्मणों के सिवा किसी अन्य तो दंड धारण करने का अधिकार नहीं है।
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जूना अखाड़े के संरक्षक श्रीमहंत हरिगिरि ने दंडी संन्यासियों को त्रिवेणी बांध के नीचे स्थित अग्रवाल धर्मशाला एवं दत्तात्रेय मंदिर को कार्यालय बनाने केलिए अनुमति दी। हरिश्चंद्र मार्ग स्थित चरखी दादरी हरियाणा शिविर में हुए कार्यक्रम में जूना अखाड़े के अध्यक्ष श्रीमहंत प्रेमगिरि, राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीमहंत विद्यानंद सरस्वती, दंडी संन्यासी समिति के संरक्षक स्वामी हरीश्वरानंद तीर्थ, जगद्गुरु स्वामी महेशाश्रम, अध्यक्ष स्वामी विमलदेवाश्रम, महामंत्री स्वामी ब्रह्माश्रम, कोषाध्यक्ष स्वामी शंकराश्रम सहित बड़ी संख्या में दंडी संन्यासी मौजूद थे।