कुंभ में बंट रहा है ऐसा प्रसाद, जानकर आ जाएगा मुंह में पानी
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इस शिविर में मिलने वाला प्रसाद भी निराला है। यहां डोसा, इडली, ढोकला के साथ पनीर टिक्का, तंदूरी रोटी आदि तमाम लजीज व्यंजन संतों को हर रोज दिन और रात के भोजन में मिल रहे हैं।
पंच दशनाम जूना अखाड़े की महामंत्री सहज योगिनी श्री शैलजा देवी के शिविर में संत खूब चटकारे लगाकर भोजन करते हैं। गुजरात के जूनागढ़ से आई इस साध्वी के शिविर में परंपरागत पूड़ी, कचौड़ी, सब्जी, रायता की बजाय दक्षिण भारतीय और गुजरात के परंपरागत भोजन हर रोज संतों को परोसे जा रहे हैं।
यहां दिन में आयोजित लंगर में पनीर टिक्का, शाही पनीर, मटर पनीर आदि में से कुछ न कुछ श्रद्धालुओं को नियमित रूप से तो मिलता ही है साथ में तंदूरी रोटी, छेने का रसगुल्ला, दाल फ्राई, फ्राइड राइस भी रहता है। शाम के मेन्यू में डोसा, इडली, सांभर, ढोकला आदि के साथ संतों को चाय और कॉफी भी पीने के लिए मिलती है।
सैकड़ों की संख्या में हर रोज संत एवं भक्त जन यहां लंगर खाने के लिए पहुंच रहे हैं। यहां जमीन में नहीं, बल्कि कुर्सी मेज लोगों को भोजन कराये जाने की व्यवस्था की गई है। इस बारे में सहज योगिनी का कहना है कि रात के समय हल्का ही भोजन करना चाहिए। इसी वजह से यहां प्रसाद के रूप में इडली, डोसा, ढोकला आदि को परोसा जा रहा है।