{"_id":"65a4f87d0cc70e5a92017218","slug":"kshatriya-mahasabha-kshatriyas-will-have-to-remember-their-glorious-history-2024-01-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"क्षत्रिय महासभा सम्मेलन : क्षत्रियों को याद रखना होगा अपना गौरवशाली इतिहास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
क्षत्रिय महासभा सम्मेलन : क्षत्रियों को याद रखना होगा अपना गौरवशाली इतिहास
Mon, 15 Jan 2024 02:48 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 15 Jan 2024 02:48 PM IST
सार
अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के अध्यक्ष उमाशंकर सिंह कछवाह ने कहा कि किसी भी जाति आधारित संगठन का उद्देश्य उस जाति के पूरे समाज को एक मंच पर लाना है। इस मौके पर उन्होंने ‘क्षत्रिय वंशार्णव’ नामक पुस्तक का भी विमोचन किया। इसमें पूरे देश के क्षत्रियों की वंशावली दर्ज है।
विज्ञापन
अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के कार्यक्रम में मौजूद पदाधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
क्षत्रियों को अपना गौरवशाली इतिहास याद रखना होगा। किसी भी जाति आधारित संगठन का उद्देश्य उस जाति के पूरे समाज को एक मंच पर लाना है। पुस्तक ‘क्षत्रिय वंशार्णव’ इस उद्देश्य को पूरा करने में सहायक सिद्ध होगी। देश भर के क्षत्रियों की वंशावली इस पुस्तक में दर्ज है। इसका अध्ययन हमें संकुचित विचारधारा से बाहर लाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
ये बातें अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के अध्यक्ष उमाशंकर सिंह कछवाह ने कहीं। वे रविवार को हिंदुस्तानी एकेडमी में सुबेदार भगवान दीन सिंह की पुस्तक क्षत्रिय वंशार्णव के द्वितीय संस्करण के विमोचन पर बोल रहे थे।
विज्ञापन
पुस्तक के प्रकाशक कुंवर साहब सिंह ने बताया कि सुबेदार जी ने 14 वर्षों तक देश भर में गांव-गांव जाकर जानकारी जुटाई। इतने लंबे और कठिन परिश्रम के बाद क्षत्रियों का यह प्रामाणिक इतिहास हम सबके सामने आया है। इस पुस्तक में लगभग 5,000 क्षत्रिय वंशों का विवरण दिया गया है।
सेंगर क्षत्रिय समाज संगठन के तत्वावधान में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। संचालन विनोद ठाकुर ने किया। इस अवसर पर सेंगर क्षत्रिय समाज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बृजेश सिंह सेंगर, संरक्षक तेज प्रताप राणा, शैलेंद्र सिंह, महेंद्र सिंह सेंगर, राणा प्रदीप सिंह, कुलदीप सिंह मदनावत, अनूप सिंह सेंगर, प्रवीन सेंगर, सतीश सिंह सिंगरौर, अनिल सिंगरौर, अक्षय प्रताप सेंगर आदि उपस्थित रहे।