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कोटक महिंद्रा बैंक गबन में मुख्य आरोपी की जमानत खारिज
Tue, 20 Oct 2020 10:10 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 20 Oct 2020 10:10 PM IST
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कोटक महिंद्रा बैंक
- फोटो : अमर उजाला
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जिला न्यायालय ने कोटक महिंद्रा बैंक से नौ करोड़ से अधिक रुपये का गबन किए जाने के मामले में मुख्य आरोपी अंशुमान दुबे की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। यह आदेश जिला जज विनोद कुमार तृतीय ने डीजीसी गुलाब चंद्र अग्रहरी को सुनकर दिया है।
मामला सिविल लाइंस थाने का है। वादी अमित मालवीय शाखा प्रबंधक कोटक महिंद्रा बैंक ने पांच अप्रैल 2020 को प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि चार अप्रैल 2020 को पता चला कि कोटक महिंद्रा बैंक के सेवा प्रदाता अधिकारी के पद पर कार्यरत अंशुमन दुबे ने बैंक की धनराशि में से नौ करोड़ 46 लाख 27500 रुपये का गबन कर लिया है।
बैंक द्वारा मुख्य आरोपी अंशुमान दुबे को बैंक का पैसा ले जाकर बैंक ऑफ बड़ौदा खुल्दाबाद की मुद्रा प्रकोष्ठ में जमा करने की जिम्मेदारी दी गई थी। कोटक महिंद्रा बैंक का प्रयागराज में अपना कोई मुद्रा प्रकोष्ठ नहीं है, जिसके कारण आरबीआई ने बैंक ऑफ बड़ौदा में जमा करने की अनुमति दी थी। जांच में अंशुमन दुबे द्वारा संपूर्ण धनराशि गबन करने और उस धनराशि में से लोगों को ब्याज पर देने और परिवार के नाम जमा करने का आरोप है।
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मामला सिविल लाइंस थाने का है। वादी अमित मालवीय शाखा प्रबंधक कोटक महिंद्रा बैंक ने पांच अप्रैल 2020 को प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि चार अप्रैल 2020 को पता चला कि कोटक महिंद्रा बैंक के सेवा प्रदाता अधिकारी के पद पर कार्यरत अंशुमन दुबे ने बैंक की धनराशि में से नौ करोड़ 46 लाख 27500 रुपये का गबन कर लिया है।
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बैंक द्वारा मुख्य आरोपी अंशुमान दुबे को बैंक का पैसा ले जाकर बैंक ऑफ बड़ौदा खुल्दाबाद की मुद्रा प्रकोष्ठ में जमा करने की जिम्मेदारी दी गई थी। कोटक महिंद्रा बैंक का प्रयागराज में अपना कोई मुद्रा प्रकोष्ठ नहीं है, जिसके कारण आरबीआई ने बैंक ऑफ बड़ौदा में जमा करने की अनुमति दी थी। जांच में अंशुमन दुबे द्वारा संपूर्ण धनराशि गबन करने और उस धनराशि में से लोगों को ब्याज पर देने और परिवार के नाम जमा करने का आरोप है।
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